नगर के मां महामाया मंदिर के पास बीती रात एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जहां एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ रोती-बिलखती हुई मंदिर परिसर के बाहर बैठी मिली। रात करीब 11 बजे का समय था और अधिकांश लोग अपने घरों में जा चुके थे। भूख और प्यास से परेशान बच्चे अपनी मां से लिपटकर रो रहे थे, जबकि महिला बेहद तनाव और मानसिक परेशानी की स्थिति में दिखाई दे रही थी। मंदिर के आसपास का माहौल देर रात अचानक इस दृश्य से संवेदनशील हो उठा।
इसी दौरान स्थानीय नागरिक कृष्ण गुप्ता, भरत तिवारी और संजय तिवारी की नजर महिला और उसके बच्चों पर पड़ी। तीनों ने बिना देर किए पहले बच्चों और महिला के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की। बच्चों को खाना मिलने के बाद उनकी हालत कुछ सामान्य हुई। इसके बाद तीनों युवकों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो महिला और बच्चों की हालत और बिगड़ सकती थी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही एएसआई राधेश्याम विश्वकर्मा सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने महिला से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली और काफी देर तक समझाइश दी। इसके बाद महिला और उसके तीनों बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। पुलिस की इस संवेदनशील कार्रवाई की इलाके में काफी सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी निभाई। जानकारी के अनुसार, महिला का लगभग 15 वर्षीय पुत्र कहीं से एक बोरा आम तोड़कर घर ले आया था। इस बात को लेकर महिला ने बेटे को समझाया और आपत्ति जताई। महिला का कहना था कि बिना पूछे किसी का सामान लाना गलत आदत को बढ़ावा दे सकता है और आगे चलकर बच्चा चोरी जैसी गलत राह पर जा सकता है। इसी बात को लेकर महिला की अपने भाई और भाभी से कहासुनी हो गई। विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि आहत महिला अपने तीन बच्चों को लेकर घर छोड़कर निकल गई।संघर्षों से भरी है महिला की जिंदगी
महिला की पहचान रजवंती देवी (40 वर्ष) पति गणेश सोनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसकी शादी काफी अधिक उम्र के व्यक्ति से हुई थी, जो वर्तमान में डाल्टनगंज में रहता है। महिला खुद मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है। वह रोज काम पर जाते समय अपने एक वर्ष के बेटे और तीन वर्ष की बेटी को भी साथ लेकर जाती है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों के बीच महिला किसी तरह अपने परिवार का जीवन चला रही है। जानकारी के मुताबिक करीब दो माह पूर्व महिला के एक पुत्र की रिंग रोड में वाहन की टक्कर से दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद से महिला मानसिक और आर्थिक रूप से काफी टूट चुकी है। परिवार की जिम्मेदारी और गरीबी के बीच वह लगातार संघर्ष कर रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला का जीवन लंबे समय से परेशानियों से घिरा हुआ है।

