खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के साल्हेवारा थाना क्षेत्र में एक आदिवासी महिला के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो युवकों ने महिला को रास्ते में लिफ्ट देने का झांसा देकर अपनी बाइक पर बैठाया और सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ अशोभनीय हरकत करने की कोशिश की। महिला के विरोध और शोर मचाने पर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मनरेगा कार्य के लिए जा रही थी महिला
जानकारी के अनुसार, 8 जून को 25 वर्षीय आदिवासी महिला चूल्हा खोदरा जंगल तालाब क्षेत्र में मनरेगा से संबंधित कार्य के लिए फोटो खिंचवाने जा रही थी महिला पैदल अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और उससे बातचीत करने लगे महिला ने बताया कि वह मनरेगा के काम से जा रही है। इस पर युवकों ने खुद को उसी दिशा में जाने वाला बताते हुए उसे बाइक से छोड़ने की कोशिश की। महिला ने भरोसा कर उनकी बात मान ली और बाइक पर बैठ गई।
महिला से छेड़छाड़
पीड़िता के अनुसार, कुछ दूरी तय करने के बाद दोपहर करीब तीन बजे आरोपियों ने बांधाटोला इलाके में बाइक रोक दी। इसके बाद उसे खेत की ओर ले जाया गया, जहां दोनों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। महिला ने साहस दिखाते हुए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। आसपास किसी के आने की आशंका से घबराकर दोनों आरोपी मौके से जंगल की ओर भाग निकले। जल्दबाजी में वे अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़ गए।
बाइक से मिला सुराग
घटना की सूचना मिलने के बाद साल्हेवारा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल पर छोड़ी गई मोटरसाइकिल पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई। वाहन के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उनकी तलाश शुरू की गई। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी अपराध दर्ज किया गया है। घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है। पीड़िता अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से है और आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ या यौन उत्पीड़न किया है, तो सामान्यतः एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(w)(i) या 3(1)(w)(ii) लगाई जा सकती है। यह प्रावधान अनुसूचित जाति/जनजाति की महिला के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन प्रकृति का स्पर्श, हरकत या उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य से संबंधित है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपरिचित व्यक्तियों पर आसानी से भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। वहीं, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है
पुलिस की कार्यवाही
महिला की शिकायत के बाद साल्हेवारा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर मिली मोटरसाइकिल के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
