अमेरिका के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके 'व्हाइट हाउस' के पास शनिवार (23 मई) की शाम उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब एक हथियारबंद हमलावर ने सुरक्षा चौकी (Security Checkpoint) के पास पहुंचकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के जवानों ने त्वरित और मुस्तैद कार्रवाई करते हुए हमलावर को मौके पर ही गोली मार दी, जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के दौरान करीब 30 राउंड गोलियां चलने की खबर है।
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के संचार कार्यालय (Communication Office) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम करीब 6:00 बजे (ईस्टर्न टाइम) की है।
लोकेशन: हमलावर व्हाइट हाउस के बेहद करीब 17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के सुरक्षा चेकपॉइंट पर पहुंचा।
हमला: संदिग्ध ने अचानक अपने बैग से एक आधुनिक हथियार निकाला और वहां तैनात सुरक्षा अधिकारियों पर फायरिंग झोंक दी।
दहशत: प्रत्यक्षदर्शियों और फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, देखते ही देखते वहां करीब 30 राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई
व्हाइट हाउस के भीतर ही मौजूद थे राष्ट्रपति ट्रंप सीक्रेट सर्विस ने पुष्टि की है कि जब यह भीषण गोलीबारी हो रही थी, उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही मौजूद थे। हालांकि, सुरक्षा घेरा बेहद मजबूत होने के कारण राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ा।
एक राहगीर को भी लगी गोली
इस क्रॉस-फायरिंग के दौरान वहां से गुजर रहा एक आम राहगीर (Bystander) भी गोली लगने से घायल हुआ है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सस्पेंस: कानून प्रवर्तन अधिकारियों (Law Enforcement Agencies) का कहना है कि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राहगीर को हमलावर की गोली लगी थी या सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई के दौरान वह क्रॉसफायर की चपेट में आ गया। मामले की बैलिस्टिक जांच की जा रही है।
FBI निदेशक और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के तुरंत बाद अमेरिकी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं।
FBI निदेशक काश पटेल का बयान: एफबीआई (FBI) के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया पर इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि संघीय अधिकारी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं और तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे-जैसे पुख्ता जानकारी सामने आएगी, जनता के साथ अपडेट साझा किया जाएगा।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस की अपील: वाशिंगटन डीसी की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने अपने 'एक्स' (पहले ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर लोगों से इस पूरे संवेदनशील इलाके से दूर रहने की अपील की है ताकि सीक्रेट सर्विस और फॉरेंसिक टीमें बिना किसी बाधा के अपनी जांच पूरी कर सकें।
पिछले साल नवंबर में भी दहल चुका है यह इलाका
यह कोई पहली बार नहीं है जब इस हाई-सिक्योरिटी जोन को निशाना बनाया गया है। ठीक इसी इलाके में पिछले साल नवंबर में भी एक बड़ा हमला हुआ था।
उस वक्त एक बंदूकधारी ने वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को निशाना बनाया था।
उस हमले में अमेरिकी सेना की विशेषज्ञ सारा बेकस्ट्रॉम की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि एंड्रयू वुल्फ गंभीर रूप से घायल हुए थे।
उस वारदात के मुख्य आरोपी रहमानुल्लाह लाकनवाल पर वर्तमान में कानूनी शिकंजा कसा हुआ है और उस पर आरोप तय किए जा चुके हैं।
'डिनर अटैक' के ठीक एक महीने बाद फिर बड़ी साजिश?
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब महज एक महीना पहले, 25 अप्रैल को वॉशिंगटन के एक होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित कोशिश की गई थी।
उक्त मामले में कैलिफोर्निया के निवासी कोल टोमस एलन को गिरफ्तार किया गया था, जिस पर ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का संघीय आरोप है। हालांकि एलन ने हाल ही में अदालत में खुद को बेकसूर बताया है, लेकिन वह फिलहाल जमानत के बिना संघीय हिरासत में है। इस नए हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या इस गोलीबारी के तार किसी बड़ी साजिश या पिछले मामलों से जुड़े हैं।
