IPL सीजन के बीच रायगढ़ पुलिस ने सट्टेबाजी और हवाला कारोबार के एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। मंगलवार की रात चक्रधरनगर स्थित कृष्ण प्राइड टावर के एक फ्लैट में दी गई दबिश के दौरान पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं। फ्लैट नंबर 505 से पुलिस ने 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपए की भारी-भरकम नकदी बरामद की है।
पुलिस ने मौके से न केवल नकदी, बल्कि नोट गिनने वाली मशीन, चार मोबाइल फोन और करोड़ों के वित्तीय लेनदेन के दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है:
करन चौधरी
पुष्कर अग्रवाल
सुनील अग्रवाल
वहीं, इस गिरोह का एक मुख्य किरदार जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
हवाला के जरिए दिल्ली तक फैला था जाल
शुरुआती जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सट्टेबाजी की इस काली कमाई को बैंकिंग सिस्टम से दूर रखा जाता था। पुलिस के मुताबिक:
कैश का खेल: रकम को बैंक में जमा करने के बजाय अलग-अलग ठिकानों पर कैश के रूप में छिपाकर रखा जाता था।
हवाला कनेक्शन: इस मोटी रकम को हवाला चैनल के जरिए दूसरे बड़े शहरों में भेजने की योजना थी।
फर्जी बैंक खाते: पकड़े जाने के डर से आरोपी अपने फोन या खातों का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि कर्मचारियों और परिचितों के खातों के जरिए ट्रांजेक्शन करते थे।
नेटवर्क: जांच की आंच रायगढ़ से लेकर सक्ती, रायपुर, बिलासपुर और सीधे देश की राजधानी दिल्ली तक पहुँच रही है।
कैसे टूटी 'सट्टे की चेन'?
इस बड़ी कार्रवाई की नींव 26 अप्रैल को ही रख दी गई थी, जब साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस ने संयुक्त रूप से 6 सट्टेबाजों को दबोचा था। उनसे मिली लीड और कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद पुलिस करन चौधरी तक पहुँची। करन की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर जब कृष्ण प्राइड टावर के फ्लैट में दबिश दी गई, तो करोड़ों का यह 'कैश नेटवर्क' सामने आया।
"जिले में सट्टा, हवाला और किसी भी तरह के आर्थिक अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई एक संदेश है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की नजरों से बच नहीं पाएगा।" — शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़
रायगढ़ पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स और कॉल रिकॉर्ड्स की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस सिंडिकेट के 'आकाओं' तक पहुँचा जा सके।

