भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवरी में जिला सहकारी संघ महासमुंद के सौजन्य से विद्यार्थियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को सहकारिता आंदोलन, उसकी उपयोगिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका से परिचित कराना था।
विद्यालय के प्राचार्य डोमन सिंह टंडन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। निबंध प्रतियोगिता का विषय 'सहकार से समृद्धि' रखा गया, जबकि चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, ऋण वितरण, खाद-बीज एवं दवा उपलब्धता तथा लघु सिंचाई जैसे विषयों को अपनी कल्पनाशीलता के साथ चित्रों में उकेरा। इसके साथ ही सहकारिता से जुड़े 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी जानकारी और समझ का प्रदर्शन किया।
सहकारिता की भूमिका पर किया गया जागरूक
कार्यक्रम में जिला प्रचार-प्रसार अधिकारी एस.आर. बंजारे और जिला सहकारी संघ के प्रबंधक जी.एल. कौशिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को सहकारिता के महत्व, किसानों और ग्रामीण समाज के विकास में सहकारी संस्थाओं की भूमिका तथा सरकार की विभिन्न सहकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का सशक्त माध्यम है।
इन विद्यार्थियों ने मारी बाजी
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं की संगीता पटेल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 2500 रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र हासिल किया। कक्षा 12वीं की गायत्री साहू को द्वितीय स्थान पर 1500 रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र, जबकि प्रमिला निषाद को तृतीय स्थान के लिए 1000 रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा दीक्षा चक्रधारी, धनेश्वरी सेन और केयूर भूषण को सांत्वना पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षकों ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के व्याख्याता नीलू सोनी, आनंद राम व्यौहार, संजय बारसागड़े, भोजराम ध्रुव, आशीष कुमार दीवान, बी.एल. टंडन, कुलेश्वर सिंह ठाकुर, रवि प्रकाश पात्रे तथा सहायक शिक्षक देवानंद चंद्राकर, उद्देश्याम यादव और मौसमी चंद्राकर ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ व्याख्याता नेश लाल धृतलहरे और परस राम सिन्हा ने किया।
इस अवसर पर कार्यालयीन कर्मचारी हितेश कुमार साहू, रईस मिर्जा और कार्तिक यादव सहित विद्यालय परिवार और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से सहकारिता की भावना को अपने जीवन में अपनाने और समाज के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।