छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की सुशासन एवं जनकल्याण केंद्रित सोच अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे “सुशासन तिहार” के अंतर्गत समाधान शिविर आम नागरिकों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनते जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
समाधान शिविरों में मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ
कलेक्टर Vinay Kumar Langeh के मार्गदर्शन में जिलेभर में लगातार समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहकर आमजन की समस्याओं को सुन रहे हैं और तत्काल समाधान भी कर रहे हैं।शिविरों के माध्यम से लोगों को भू-अधिकार पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, निःशुल्क दवा वितरण, दिव्यांगजनों को ट्रायसिकल, किसानों को पौधों का वितरण समेत कई योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिया जा रहा है। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का भरोसा बढ़ा है।
युवा के चेहरे पर दिखी खुशी
ग्राम आंवराडबरी निवासी युवा अखिलेश साहू के लिए समाधान शिविर किसी खुशखबरी से कम नहीं रहा। उन्होंने शिविर में लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया और महज आधे घंटे के भीतर उनका लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। इतनी तेज प्रक्रिया देखकर अखिलेश बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब गांव में ही सारी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने इस व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया।वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान
इसी शिविर में आंवराडबरी निवासी खोमनलाल साहू की वर्षों पुरानी समस्या का भी समाधान हो गया। वे लंबे समय से मकान बनाकर रह रहे थे, लेकिन अब तक उन्हें आबादी पट्टा नहीं मिला था। समाधान शिविर में आवेदन देने के बाद मौके पर ही उनका आबादी पट्टा तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया। मालिकाना हक मिलने के बाद उनकी खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनकी वर्षों की परेशानी खत्म कर दी और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
गांव-गांव तक पहुंच रहा सुशासन का संदेश
सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार की मंशा साफ दिखाई दे रही है कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। समाधान शिविरों के जरिए ग्रामीणों को त्वरित सेवाएं मिलने से प्रशासन और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
