छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय वन सेवा (IFS) के 24 अधिकारियों की पदस्थापना में बड़ा बदलाव किया है। विभाग की ओर से 8 अगस्त 2026 को जारी आदेश में प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावशील रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, कांकेर, गरियाबंद, महासमुंद, दुर्ग, कोरबा, बस्तर, सरगुजा, सुकमा, कोंडागांव, खैरागढ़ और बलौदाबाजार सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। आदेश में अधिकारियों के नाम, वर्तमान पदस्थापना और नवीन पदस्थापना का पूरा विवरण शामिल है।
DFO स्तर के पदों पर हुआ बदलाव
वन विभाग की इस तबादला सूची में कई अधिकारियों को वन मंडलों में उप वन संरक्षक (प्रादेशिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके चलते कई जिलों में DFO स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। कुछ अधिकारियों को क्षेत्रीय वन मंडलों में भेजा गया है, जबकि कुछ को मुख्यालय और विभागीय संस्थानों में नई जिम्मेदारी दी गई है।प्रतिनियुक्ति से लौटे अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आदेश में उन अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जो वर्तमान में अलग-अलग संस्थानों में प्रतिनियुक्ति पर थे। प्रतिनियुक्ति पूरी होने के बाद उन्हें वापस वन विभाग में पदस्थ करते हुए नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम, रायपुर में प्रतिनियुक्त रहे कुछ अधिकारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है।
वन प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में कदम
वन प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में कदम
वन विभाग में एक साथ 24 IFS अधिकारियों की पदस्थापना को प्रशासनिक लिहाज से अहम माना जा रहा है। वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, अवैध कटाई पर रोक, वन सुरक्षा और विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में क्षेत्रीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।नई जिम्मेदारियों के साथ शुरू होगा वन प्रबंधन का नया दौर
नई पदस्थापनाओं के बाद संबंधित वन मंडलों में प्रशासनिक कार्यों और वन प्रबंधन की जिम्मेदारी नए अधिकारियों के हाथों में होगी। विभाग को उम्मीद है कि इस बदलाव से वन प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।