सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय राजमिस्त्री के परिवार को बड़ी राहत मिली है। प्रधान मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) महासमुंद ने मृतक के आश्रितों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 26 लाख 6 हजार 781 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण की पीठासीन अधिकारी अनीता दुबे ने बीमा कंपनी को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करने के निर्देश दिए हैं।
काम पर जाते समय हुआ था हादसा
प्रकरण के अनुसार, महासमुंद जिले के ग्राम नांदबार निवासी भिगोरा बरिहा (25) पेशे से राजमिस्त्री थे। 31 मई 2025 की सुबह करीब 8 बजे वे काम के सिलसिले में रायपुर जा रहे थे। इसी दौरान बागबाहरा क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर की आजीविका का मुख्य सहारा भी छिन गया।
परिजनों ने अधिकरण में दायर किया था दावा
दुर्घटना के बाद मृतक के आश्रितों ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, महासमुंद में मुआवजे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अधिकरण ने दुर्घटना से जुड़े दस्तावेज, पुलिस रिकॉर्ड, आय संबंधी जानकारी और दोनों पक्षों की दलीलों का विस्तार से परीक्षण किया।
सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अधिकरण ने माना कि मृतक के आश्रित मुआवजे के हकदार हैं। इसके आधार पर 26,06,781 रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश पारित किया गया।
9 प्रतिशत ब्याज के साथ करना होगा भुगतान
अधिकरण ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि बीमा कंपनी मुआवजे की राशि का भुगतान 23 जुलाई 2025 से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित करेगी। ब्याज की गणना दावा आवेदन प्रस्तुत किए जाने की तिथि से की जाएगी। साथ ही बीमा कंपनी को तय समय के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
परिवार को मिलेगी आर्थिक राहत
अधिकरण के इस फैसले से मृतक के परिवार को आर्थिक सहारा मिलेगा। सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को न्याय दिलाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। यह निर्णय इस बात का भी संदेश देता है कि दुर्घटना पीड़ित परिवार अपने वैधानिक अधिकारों के तहत उचित मुआवजे के लिए अधिकरण का दरवाजा खटखटा सकते हैं।