रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े चर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ा कदम उठाया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में पहली चार्जशीट विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में रिलायंस समूह की 2 कंपनियों समेत कुल 7 आरोपियों को नामजद किया गया है। इन पर 13 सरकारी बैंकों को 4,097 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
चार्जशीट में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के 5 पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग प्रवीण मोदी, निदेशक रविंद्र सोमयाजुला राव, धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी, एग्जीक्यूटिव रिस्क ऑफिसर राजेश कृष्णमूर्ति और चीफ रिस्क ऑफिसर लव चतुर्वेदी के नाम शामिल हैं। सीबीआई ने सभी पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी बैंकों को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
जांच में क्या खुलासा हुआ
सीबीआई के अनुसार, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड ने बैंकों से लिया गया ऋण तय शर्तों के विपरीत विभिन्न मध्यस्थ और शेल कंपनियों के जरिए रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों में भेजा। जांच एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया से ऋण देने वाले बैंकों को भारी नुकसान हुआ, जबकि संबंधित कंपनियों और आरोपियों को अनुचित लाभ मिला।
13 सरकारी बैंकों को 4,097 करोड़ का नुकसान
यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र और अन्य सरकारी बैंकों की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि बैंकिंग कंसोर्टियम से जुड़े 13 सरकारी बैंकों को कुल 4,097 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।3 आरोपी पहले ही गिरफ्तार
सीबीआई अब तक इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग मोदी और रिलायंस कैपिटल के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी अमित बापना शामिल हैं। फिलहाल अमिताभ झुनझुनवाला और देवांग मोदी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि अमित बापना सीबीआई की हिरासत में हैं।
आगे भी दाखिल हो सकती है चार्जशीट
सीबीआई ने बताया कि रिलायंस समूह से जुड़े विभिन्न मामलों में कुल 7 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। अन्य निदेशकों, कंपनियों और सार्वजनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। जरूरत पड़ने पर पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जाएगी। एजेंसी ने कहा कि पूरे मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है।