देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और इस बार हालात कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण होते दिख रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज आंधी, भारी बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि का व्यापक अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
बिगड़ा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और प्री-मानसून गतिविधियों का एक साथ सक्रिय होना है। इसके कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बेहद अस्थिर हो गया है।
कहीं तेज धूप के बाद अचानक बारिश हो रही है तो कहीं धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। तापमान में अचानक गिरावट और उमस में बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
80KM तक की हवाओं का अलर्ट
उत्तर प्रदेश और बिहार इस समय मौसम के सबसे संवेदनशील जोन में शामिल हैं।
- यूपी के वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, प्रयागराज और पूर्वांचल के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट
- बिहार के पटना, गया, अररिया, किशनगंज और पश्चिमी चंपारण में 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना
- कई इलाकों में बिजली गिरने (ठनका) का खतरा भी बढ़ा
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि खुले स्थानों पर रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
छत्तीसगढ़ में भी अगले 72 घंटे बेहद संवेदनशील
अब असर छत्तीसगढ़ में भी साफ दिखाई देने लगा है। रायपुर मौसम केंद्र के अनुसार राज्य में अगले तीन दिन मौसम तेजी से बदल सकता है।
इन जिलों में अलर्ट:
- रायपुर
- दुर्ग
- बिलासपुर
- राजनांदगांव
- महासमुंद
- धमतरी
- कांकेर
- बस्तर
- सरगुजा
इन क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना भी है।
रायपुर और मध्य छत्तीसगढ़ का हाल
राजधानी रायपुर में दिन के समय तेज धूप और उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम होते ही मौसम अचानक बदल सकता है।
- तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना
- शाम को तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
- महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी में बिजली गिरने का खतरा अधिक
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में भी भारी असर
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में 80 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं
- कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना
- उत्तराखंड और हिमाचल में ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के संकेत
क्या यह तूफान खतरनाक साबित हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं
- बिजली के खंभे गिर सकते हैं
- कच्चे मकानों को नुकसान
- उड़ते मलबे से हादसों का खतरा बढ़ सकता है
मौसम विभाग की अहम चेतावनी और सलाह
IMD ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
क्या करें:
- सुरक्षित घरों में रहें
- मौसम खराब होने पर यात्रा टालें
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रखें
- फसलों और कृषि उपकरणों को ढककर रखें
क्या न करें:
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- खुले मैदानों में खड़े न हों
- बिजली कड़कने के समय बाहर न निकलें
आने वाले दिन और ज्यादा चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा हो सकती है, जो आने वाले मानसून के शुरुआती संकेत भी माने जा रहे हैं। फिलहाल अगले 72 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील रहने वाले हैं।
