छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक खबरें वायरल हो रही थीं। इनमें दावा किया जा रहा था कि भीषण गर्मी के चलते राज्य सरकार ने स्कूलों के खुलने की तारीख आगे बढ़ाकर 1 जुलाई कर दी है। इस खबर के प्रसार के बाद अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी। अब लोक शिक्षण संचालनालय ने इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए वायरल खबरों को पूरी तरह फर्जी और निराधार बताया है।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शनिवार को जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि राज्य में 1 जुलाई से स्कूल शुरू होने संबंधी खबरें असत्य, भ्रामक और तथ्यहीन हैं। विभाग ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे केवल शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों से सावधान रहें।
16 जून से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विद्यालय निर्धारित कार्यक्रम के तहत 16 जून 2026 (मंगलवार) से खुलेंगे। इसी दिन राज्यभर में उत्साह और जनभागीदारी के साथ "शाला प्रवेश उत्सव" का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य नए विद्यार्थियों का स्वागत करना, ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना तथा विद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करना है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी तथा शहरी क्षेत्रों के वार्डों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक अभिभावक और विद्यार्थी इस अभियान से जुड़ सकें।
तीन सत्रों में संचालित होंगी विद्यालयीन गतिविधियां
शिक्षा विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार विद्यालयों में दैनिक गतिविधियों को तीन प्रमुख सत्रों में संचालित किया जाएगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना का विकास करना है।
विद्यालय प्रारंभ होने के साथ ही प्रतिदिन प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। इसमें राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना तथा गुरु मंत्र का सामूहिक पाठ कराया जाएगा। इसके अलावा महान स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रनिर्माताओं और महापुरुषों की जीवनी का वाचन भी किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को प्रेरणा और नैतिक शिक्षा मिल सके।
मध्याह्न भोजन से पहले होगा भोजन मंत्र का पाठ
शाला प्रवेश उत्सव को जनभागीदारी का मिलेगा स्वरूप
राज्य सरकार इस वर्ष शाला प्रवेश उत्सव को विशेष अभियान के रूप में आयोजित कर रही है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, पालकों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नए सत्र की शुरुआत उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में हो सके।
