मध्य प्रदेश के लिए बीता रविवार हादसों का रविवार साबित हुआ। प्रदेश के दो हिस्सों से आई दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। जबलपुर और शिवपुरी में पानी में डूबने से चार किशोरों और युवाओं की असमय मौत हो गई। खेल-कूद और रोज़मर्रा के कामों के बीच अचानक आई इस आपदा ने हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भूलने वाला गम दे दिया है। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
जबलपुर हादसा
घटनास्थल: सिलुआ घाट, गौर चौकी क्षेत्र (जबलपुर)
हताहत: सागर पटेल (18) पिता और ध्रुव पटेल (19)
जबलपुर के गौर चौकी क्षेत्र में स्थित सिलुआ घाट पर रविवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब नदी में नहा रहे दो युवक अचानक आंखों से ओझल हो गए। मृतकों की पहचान स्थानीय निवासी सागर और ध्रुव के रूप में हुई है, जो छुट्टी के दिन नदी की तरफ गए थे।
कड़ी मशक्कत से मिले शव: जैसे ही युवकों के डूबने की खबर फैली, घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय गोताखोरों और गौर चौकी पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पानी गहरा होने के कारण शवों को ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया।
अस्पताल में पसरा सन्नाटा: पुलिस ने शवों का पंचनामा बनाकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। इस घटना के बाद से मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है, माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
लापरवाही और अनजाने पानी का फेर
चेतावनी और सुरक्षा पर उठते सवाल
शिवपुरी पुलिस के मुताबिक, तालाब बड़ों के लिए ज्यादा गहरा नहीं था, लेकिन मासूम बच्चों की लंबाई के हिसाब से वहां पानी का स्तर अधिक था, जिसके कारण वे खुद को संभाल नहीं पाए। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। लगातार हो रहे ऐसे हादसों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों और माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों को अकेले नदी, तालाब या नहरों के किनारे न जाने दें। साथ ही, संवेदनशील जलस्रोतों के पास सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं।
