कोयला चोरी और मिलावट के गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी अजय कुमार सिंह को सकरी पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर विधिवत कार्रवाई के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में पुलिस पहले ही छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी आरके पाण्डेय ने सिरगिट्टी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 9 जून को दीपका कोल माइन्स से एफ/जी ग्रेड कोयला भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन, लोखंडी के लिए भेजा गया था। यह कोयला औद्योगिक उपयोग के लिए निर्धारित था और इसकी गुणवत्ता तय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए थी।
मिलावट का खुलासा और ट्रेलर चालकों की भूमिका
10 जून को तीन अलग-अलग ट्रेलरों में कोयला पहुंचाया गया, जिन्हें फुजैल अंसारी, आशिक हुसैन और फैजान रजा अंसारी लेकर आए थे। लेब में जांच के दौरान यह पाया गया कि भेजा गया कोयला एफ/जी ग्रेड का नहीं था। पूछताछ में ट्रेलर चालकों ने खुलासा किया कि एफ ग्रेड के कोयले में मिलावट कर उसे अवैध रूप से बदला गया था। इस पूरे खेल में बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के संचालक और प्लांट सुपरवाइजर की मिलीभगत सामने आई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तेजी से कार्रवाई शुरू की थी। इस दौरान झारखंड निवासी आशिक हुसैन अंसारी (23), फैजान रजा अंसारी (23), फुजैल अंसारी (28), बिलासपुर निवासी गौरव राजपूत (28), सीबु खान (29) और दुर्ग निवासी दिलीप कुमार यादव (36) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।
फरार आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी
घटना के बाद से ही बिलासपुर निवासी अजय कुमार सिंह (36) फरार चल रहा था, जिसकी लगातार तलाश की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिलने पर कोनी क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत कार्रवाई पूरी कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है कि कोयला चोरी और मिलावट का यह खेल कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।