AI Training Program: छत्तीसगढ़ के 15 मास्टर ट्रेनर्स ने सीखी, AI और डिजिटल शिक्षण की नई तकनीक
AI Training Program: छत्तीसगढ़ के 15 मास्टर ट्रेनर्स ने PSSCIVE-NCERT के पांच दिवसीय AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को ChatGPT, Gemini, Canva AI, Google Classroom, साइबर सुरक्षा और आधुनिक डिजिटल शिक्षण तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
प्रकाशित: 26 Sep 2026, 02:05 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
आरंग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
AI Training Program: स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई-लिखाई के तरीके अब तेजी से बदल रहे हैं। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस करने की एक नई पहल की गई है। भोपाल स्थित पं. सुन्दर लाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (PSSCIVE), NCERT द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का हाल ही में समापन हुआ, जिसमें राज्य के 15 मास्टर ट्रेनर्स को AI और डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की बारीकियों से अवगत कराया गया।
यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम 21 से 25 सितंबर 2026 तक IIIT नागपुर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित किया गया था। इस पूरे आयोजन की कमान PSSCIVE के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) दीपक शुधालवार के हाथों में रही, जबकि IIIT नागपुर के CSE विभागाध्यक्ष डॉ. मिलिंद आर. पेनुरकर ने संस्थागत सहयोग प्रदान किया।
क्लासरूम टीचिंग से लेकर प्रश्नपत्र बनाने तक AI की मदद
प्रशिक्षण का मुख्य फोकस इस बात पर था कि शिक्षक अपनी दिनचर्या और अध्यापन में AI का बेहतर उपयोग कैसे कर सकते हैं। प्रतिभागियों को ChatGPT, Gemini और Claude जैसे प्रमुख AI टूल्स पर प्रैक्टिकल कराया गया। शिक्षकों को सिखाया गया कि कैसे वे AI की मदद से:
मिनटों में प्रभावी पाठ-योजना (Lesson Plans) तैयार कर सकते हैं।
छात्रों के स्तर के हिसाब से वर्कशीट, प्रश्नपत्र, क्विज और उत्तर-कुंजी तैयार कर सकते हैं।
'प्रॉम्प्ट राइटिंग' की सही तकनीक अपनाकर AI से सटीक और उपयोगी परिणाम हासिल कर सकते हैं।
छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन और फीडबैक प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं।
AI प्रशिक्षण कार्यक्रमस्मार्ट क्लासरूम और साइबर सुरक्षा पर भी जोर
केवल टेक्स्ट-बेस्ड AI ही नहीं, बल्कि विजुअल और इंटरेक्टिव शिक्षण पर भी खास ध्यान दिया गया। Canva और Google Classroom जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके पोस्टर, प्रेजेंटेशन, एजुकेशनल वीडियो और ऑनलाइन असाइनमेंट तैयार करने की तकनीकें सिखाई गईं। इसके साथ ही, डिजिटल युग में सुरक्षा के महत्व को देखते हुए साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और AI के नैतिक इस्तेमाल (Safe & Responsible Use of AI) पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को IoT और क्लाउड कंप्यूटिंग की बुनियादी जानकारी भी दी गई।
प्रदेश भर के शिक्षकों ने लिया हिस्सा
इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए शिक्षाविदों और व्याख्याताओं ने भाग लिया। इनमें रायपुर से डॉ. भूपेंद्र धर दीवान, सुनीता पांडेय और डी. दर्शन; महासमुंद से विवेक कुमार वर्मा; बिलासपुर से आशुतोष शुक्ला और राजकुमारी महेंद्र; दुर्ग से सपना सोनी; गरियाबंद से मीनाक्षी शर्मा; धमतरी से प्रकाश चंद्राकर; रायगढ़ से राजेंद्र कलैत; बालोद से रितेश जैन; पेंड्रा से विकास कुमार वर्मा; अंबिकापुर से पुष्पा सिंह तथा कांकेर से मीना धाबू शामिल थे।
मास्टर ट्रेनर्स के रूप में देंगे अन्य शिक्षकों को दिशा
यह पूरा प्रशिक्षण 'हैंड्स-ऑन' यानी व्यावहारिक गतिविधियों पर आधारित था। समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने द्वारा तैयार किए गए डिजिटल कंटेंट और AI बेस्ड प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया। NCERT का मानना है कि ये मास्टर ट्रेनर्स अब अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पूरे राज्य में AI आधारित और स्मार्ट शिक्षण को एक नई दिशा मिलेगी।