Ashoknagar News: शराब दुकान विरोध प्रदर्शन के बाद कार्रवाई, 26 लोगों पर केस दर्ज
Ashoknagar News: शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। चुरारी गांव में हुई तोड़फोड़ के मामले में 21 नामजद समेत 5 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शराब दुकान संचालक ने बोतलें तोड़ने, सीसीटीवी नुकसान पहुंचाने और रुपये गायब होने का आरोप लगाते हुए 1.64 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Ashoknagar News: चंदेरी क्षेत्र के चुरारी गांव में
शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दुकान में तोड़फोड़ और नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने 21 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि पांच अन्य महिला-पुरुषों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, चुरारी-गौराकला चौराहे पर स्थित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर गांव की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं दुकान पर पहुंचीं और दुकान का ताला तोड़कर अंदर रखी शराब की बोतलें बाहर निकालकर सड़क पर फोड़ दीं। महिलाओं का कहना था कि शराब की वजह से कई परिवार आर्थिक परेशानियों और घरेलू विवादों का सामना कर रहे हैं, इसलिए वे दुकान हटाने की मांग कर रही हैं।
दुकान संचालक ने लगाया नुकसान का आरोप
प्रदर्शन के बाद शराब दुकान संचालक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शनकारियों ने लाठियों से दुकान में तोड़फोड़ की, शराब की बोतलें नष्ट कीं और सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा दुकान से पांच हजार रुपए गायब होने का भी आरोप लगाया गया है। दुकान संचालक ने शराब और अन्य सामान के नुकसान को मिलाकर करीब 1 लाख 64 हजार रुपए की क्षति होने का दावा किया है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
शिकायत के आधार पर चंदेरी पुलिस ने 21 नामजद लोगों समेत पांच अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। तोड़फोड़ मामले में पुलिस कार्रवाई जारी
फिलहाल इस मामले में एक तरफ ग्रामीण महिलाएं शराब दुकान हटाने की मांग पर कायम हैं, वहीं दूसरी ओर दुकान में हुई
तोड़फोड़ को लेकर पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ा रही है। अब प्रशासन की अगली कार्रवाई और शराब दुकान को लेकर लिया जाने वाला निर्णय इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।