पंजाबी बाग बना सबसे हॉटस्पॉट, इन इलाकों में हाल बेहाल
CPCB के आंकड़ों पर नजर डालें तो रविवार सुबह पंजाबी बाग दिल्ली का सबसे प्रदूषित इलाका रिकॉर्ड किया गया, जहां AQI उचटकर 450 तक पहुंच गया। इसके अलावा राजधानी के दूसरे हिस्सों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही डरावनी है:
आरके पुरम: 449
IIT दिल्ली: 446
द्वारका: 444
मथुरा रोड: 425
सिरीफोर्ट और नॉर्थ कैंपस (DU): 423 (प्रत्येक)
चांदनी चौक: 417
पूसा: 415
बुराड़ी क्रॉसिंग: 411
NSUT जाफरपुर: 409
इन तमाम इलाकों में हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना किसी खतरे से खाली नहीं है।
400 से नीचे वाले इलाके भी रेड जोन में
स्थिति सिर्फ इन्हीं जगहों पर खराब नहीं है, बल्कि जिन इलाकों में AQI 400 से थोड़ा नीचे है, वहां भी हवा की सेहत 'बेहद खराब' (Very Poor) बनी हुई है। नरेला में AQI 399, आईटीओ (ITO) में 396 और मंदिर मार्ग पर 393 दर्ज किया गया। इसके साथ ही उत्तम नगर (373), बुराड़ी (370), तालकटोरा गार्डन और आया नगर (दोनों जगह 369), वसुंधरा एन्क्लेव (356), टिकरी कलां व बदरपुर (दोनों जगह 349), कराला (337) और लोधी रोड स्थित IITM केंद्र पर AQI 333 दर्ज किया गया। यानी कुल मिलाकर देखें, तो दिल्ली का शायद ही कोई कोना बचा हो जहां की हवा में जहर न घुला हो।
त्योहारों से पहले बढ़ी मुश्किलें, ग्रैप-3 भी बेअसर?
दीपावली के नजदीक आते ही प्रदूषण का यह ग्राफ आम जनता के साथ-साथ प्रशासन की भी नींद उड़ा रहा है। हवा में तैरते खतरनाक प्रदूषक तत्व (PM 2.5 और PM 10) आंखों में जलन, गले में खराश और सांस से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर रहे हैं। हालाँकि, स्थिति से निपटने के लिए राजधानी में ग्रैप-3 (GRAP-3) की पाबंदियां पहले ही लागू की जा चुकी हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। सुबह टहलने निकलने वाले लोग और बुजुर्गों को इस जहरीली हवा से बचने के लिए खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।











