Harassment Case: जिले के भूपदेवपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दहेज के दानवों की प्रताड़ना से तंग आकर एक 34 साल की विवाहिता ने मौत को गले लगा लिया। ससुराल वाले उससे लगातार कार और दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर रोज-रोज का कलेश और मारपीट इस हद तक बढ़ गई कि विवाहिता ने खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस ने मामले की तह तक जाकर मर्ग जांच के बाद पति, सास और ससुर तीनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना भूपदेवपुर थाना अंतर्गत ग्राम जैमुड़ा की है। यहाँ रहने वाली 34 वर्षीय नीता पटेल ने 19 अक्टूबर की दोपहर अपने ही घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। अचानक हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, शव को कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर गहराई से जाँच शुरू कर दी।
शादी के एक साल बाद ही शुरू हो गया था टॉर्चर
पुलिसिया पूछताछ और दस्तावेजों के मुताबिक, नीता की शादी करीब तीन साल पहले ग्राम जैमुड़ा के ही रहने वाले राकेश पटेल (34) के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी। शुरुआत में तो सब ठीक चला, लेकिन शादी के बमुश्किल एक साल बाद ही ससुराल वालों का असली रंग सामने आने लगा। पति राकेश पटेल, सास शांति बाई पटेल (52) और ससुर बंधुराम पटेल (56) छोटी-छोटी बातों पर नीता को ताने मारने लगे। कभी कम दहेज का ताना तो कभी मोटरसाइकिल न मिलने की बात कहकर उसे मानसिक रूप से तोड़ा जाने लगा। बात सिर्फ ताने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसके साथ मारपीट भी शुरू कर दी गई।
कार के लिए मांगने लगे 2 लाख रुपये
ज़ुल्म का दायरा तब और बढ़ गया जब शादी के कुछ समय बाद ससुराल पक्ष की भूख और गहरी हो गई। घटना से करीब चार-पांच महीने पहले ससुराल वालों ने नीता पर दबाव बनाना शुरू किया कि वह अपने मायके से कार खरीदने के लिए 2 लाख रुपये लेकर आए। जब नीता ने असमर्थता जताई और इस बात का विरोध किया, तो उसके साथ घर में रोज मारपीट की जाने लगी। लगातार मिल रहे इन शारीरिक और मानसिक टॉर्चर से नीता अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी। आखिरकार, इसी घुटन और प्रताड़ना से परेशान होकर उसने 19 अक्टूबर को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।मायके वालों के बयानों से खुली
पोल हादसे के बाद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई की गई और फिर डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे पर लटकने यानी हैंगिंग ही आया। असली सच तब सामने आया जब पुलिस ने मायके पक्ष के लोगों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस को भी झकझोर कर रख दिया। उन्होंने बताया कि कैसे आए दिन की दहेज की मांग को लेकर नीता को प्रताड़ित किया जाता था। बयानों में पुख्ता तौर पर यह बात सामने आई कि इसी जुल्म के चलते नीता ने यह कदम उठाया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: तीनों गिरफ्तार, भेजे गए जेल
जाँच के पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद पुलिस हरकत में आई। बुधवार को पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 और 3(5) के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद शनिवार को तीनों आरोपियों को धर दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद औपचारिकताएं पूरी कर तीनों को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस कप्तान की दो टूक: महिलाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं
इस पूरे मामले को लेकर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध और दहेज प्रताड़ना के मामलों में पुलिस बेहद संवेदनशील और गंभीर है। एसएसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों के खिलाफ पुलिस का डंडा पूरी सख्ती से चलेगा। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद से इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है और लोग पीड़ित परिवार के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।












