जबलपुर के मदन महल रेलवे स्टेशन पर उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर लगी पैसेंजर लिफ्ट अचानक बीच हवा में ठप हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब अमरकंटक एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी। ट्रेन से उतरे यात्रियों में जल्दी ऊपर पहुंचने की होड़ मच गई। इसी आपाधापी में महिला और बच्चों समेत करीब 15 यात्री लिफ्ट के अंदर सवार हो गए, जो कि उसकी तय क्षमता से कहीं अधिक था। जैसे ही ओवरलोड लिफ्ट ऊपर की ओर बढ़ी, सुरक्षा सिस्टम एक्टिवेट होने के कारण वह अचानक बीच में ही लॉक होकर पूरी तरह जाम हो गई। लिफ्ट के अचानक बंद होते ही उसके अंदर की लाइटें और वेंटिलेशन सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया।
बंद लिफ्ट में रोने लगे मासूम बच्चे
लगभग आधे घंटे तक लिफ्ट के भीतर मौत का साया मंडराता रहा। बंद और घुटन भरे माहौल में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और महिलाओं को उठानी पड़ी। घबराहट और ऑक्सीजन की कमी के चलते बच्चे रोने-बिलखने लगे, वहीं दो महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की भी खबर सामने आई। बाहर खड़े लोग असहाय होकर लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ।
आरपीएफ SI ने देवदूत बनकर संभाला मोर्चा
टला बड़ा हादसा
सूचना मिलते ही रेलवे का तकनीकी स्टाफ और मैकेनिक औजारों के साथ प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर पहुंचे। लिफ्ट को मैनुअल मोड पर लाने और लॉक खोलने के लिए टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 30 मिनट के बेहद तनावपूर्ण ड्रामे के बाद आखिरकार लिफ्ट का दरवाजा खोला जा सका। दरवाजा खुलते ही सभी 15 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली। आरपीएफ ने तुरंत यात्रियों के लिए पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की।
