नारा में बच्चों की सुरक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
आरंग के ग्राम नारा में बाल सुरक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों को गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई, वहीं माताओं को स्तनपान, पोषण और शिशु देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।
कीर्तिमान डेस्क
07 Aug 2026, 08:01 PM
आरंग
भानसोज सेक्टर के अंतर्गत ग्राम नारा में बच्चों की सुरक्षा और माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं, वहीं माताओं को स्तनपान और पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
बच्चों को बताए सुरक्षा के उपाय
जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर व परियोजना अधिकारी दीप्ती शुक्ला के मार्गदर्शन में कार्यक्रम में बाल संरक्षण टीम के सामाजिक कार्यकर्ता गोरखनाथ पटेल ने प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध से बचाव, बाल तस्करी, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और पुलिस सहायता नंबरों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति से बातचीत करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। साथ ही ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत अभिभावक, शिक्षक या हेल्पलाइन की मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रश्नोत्तरी के जरिए दी गई सुरक्षा की सीख
जागरूकता कार्यक्रम के बाद बच्चों के लिए रैपिड फायर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इसमें बाल सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे गए, जिनका बच्चों ने उत्साह के साथ जवाब दिया। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को रोचक तरीके से सुरक्षा संबंधी जरूरी बातें समझाई गईं।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
माताओं को स्तनपान और पोषण के प्रति किया जागरूक
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर ग्राम नारा के आंगनबाड़ी केंद्र में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें माताओं को शिशु के लिए स्तनपान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि जन्म के बाद शुरुआती समय में मां का दूध बच्चे के लिए सबसे जरूरी पोषण होता है और छह माह तक केवल स्तनपान कराने से शिशु का बेहतर विकास होता है। कार्यक्रम में स्वस्थ शिशुओं की माताओं का सम्मान किया गया और उन्हें उपहार प्रदान किए गए। माताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पौष्टिक आहार में दाल, स्थानीय सब्जियां, भाजियां और आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाले रेडी-टू-ईट आहार को शामिल कर उन्होंने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखा।
संतुलित आहार से मां और बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर
कार्यक्रम के दौरान माताओं ने गर्भावस्था और प्रसव के बाद आने वाली चुनौतियों के अनुभव भी साझा किए। विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि मां का संतुलित और पौष्टिक आहार शिशु के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए माताओं को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने और बच्चों की नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक और भानसोज सेक्टर प्रभारी ऋतु परिहार ने भी माताओं और बच्चों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को हिंसा, शोषण और ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए सभी को जागरूक रहने की जरूरत है।
यह कार्यक्रम जिला अधिकारी शैल ठाकुर और परियोजना अधिकारी के मार्गदर्शन में हुआ
कार्यक्रम में ग्राम सरपंच मीना जांगड़े, एचएम बांधे, विद्यालय के शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बाल संरक्षण टीम के सदस्य और बड़ी संख्या में माताएं शामिल हुईं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और माताओं को शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करना था।