Azam Khan ED Case: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की कानूनी अड़चनें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही दर्जनों मामलों का सामना कर रहे आजम खान के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा और कस दिया है। जेल में लंबी पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने आजम खान और उनके करीबियों पर एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
जौहर यूनिवर्सिटी और निर्माण कंपनियों पर भी गाज
ED द्वारा दर्ज कराई गई इस नई एफआईआर में केवल आजम खान ही नहीं, बल्कि उनके ड्रीम प्रोजेक्ट से जुड़े संगठन और कंपनियां भी शामिल हैं। इसमें मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की देखरेख करने वाला जौहर अली ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी की इमारतों का निर्माण करने वाली दो प्रमुख कंपनियां—एसएसएंडएस इंटरप्राइजेज तथा एसके चिके प्रा. लि. नामांकित हैं। इसके अलावा एक अन्य अज्ञात व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है। कुल मिलाकर इस मामले में 5 नामजद पक्ष शामिल हैं।
जेल में 8 घंटे चली पूछताछ, PMLA के तहत मामला दर्ज
इस नई कानूनी कार्रवाई से पहले, ED की टीम ने 13 अक्टूबर को रामपुर जेल पहुंचकर आजम खान से लगभग आठ घंटे तक मैराथन पूछताछ की थी। पूछताछ में मिले इनपुट्स और शिकायत के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत की गई है।
सरकारी फंड के हेरफेर और 100 करोड़ के बजट खपाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला सरकारी ठेकों और बजट के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी ठेकों के जरिए आने वाली राशि को निजी ठेकेदारों की मिलीभगत से दूसरी जगह डायवर्ट किया गया। हाल ही में हुई आयकर विभाग की जांच और दो महीने पहले हुई छापेमारी में यह खुलासा हुआ था कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगभग 100 करोड़ रुपये का सरकारी बजट खपाया गया था। इसी वित्तीय अनियमितता को आधार बनाकर अब ED ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
अब तक 8 मामलों में हो चुकी है सजा
वरिष्ठ सपा नेता आजम खान लंबे समय से कानूनी जांच के घेरे में हैं। जेल से रिहा होने के कुछ समय बाद ही वे दूसरे मामलों में दोबारा जेल भेज दिए गए थे, जहाँ उनके बेटे भी उनके साथ बंद हैं। अदालती आंकड़ों पर नजर डालें तो आजम खान से जुड़े 16 मुकदमों में अब तक फैसले आ चुके हैं। इनमें से 8 मामलों में अदालत उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुना चुकी है, जबकि बाकी 8 मामलों में उन्हें राहत (क्लीन चिट) मिली है। हालांकि, ED के इस नए मामले के सामने आने के बाद आजम खान और उनके परिवार के लिए आने वाले दिन फिर से मुश्किलों भरे साबित हो सकते हैं।







