CG Doctors Federation: 10 साल से नहीं बढ़ा जूनियर डॉक्टरों का मानदेय, फेडरेशन ने वित्त विभाग से की 70 हजार रुपए करने की मांग
CG Doctors Federation: छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत बॉन्डेड और संविदा जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने मानदेय बढ़ाने की मांग की है। डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त विभाग को ज्ञापन सौंपकर एमबीबीएस बॉन्डेड डॉक्टरों का मानदेय 70 हजार रुपये प्रतिमाह करने और संविदा जूनियर रेजिडेंट्स के मानदेय में 20 हजार रुपये की बढ़ोतरी की मांग की है।
CG Doctors Federation: छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं दे रहे बॉन्डेड और संविदा जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़
डॉक्टर्स फेडरेशन (सीजीडीएफ) और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त विभाग को ज्ञापन सौंपकर अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई है। डॉक्टरों की मुख्य मांग है कि एमबीबीएस बॉन्डेड चिकित्सकों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 70 हजार रुपये किया जाए, वहीं संविदा जूनियर रेजिडेंट्स के मानदेय में 20 हजार रुपये प्रतिमाह की सीधी वृद्धि की जाए।
महंगाई बढ़ी, जिम्मेदारियां बढ़ीं, पर मानदेय जस का तस'
फेडरेशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत संविदा जूनियर रेजिडेंट्स (एमबीबीएस) को पिछले करीब एक दशक (10 साल) से महज 50 हजार रुपये प्रतिमाह ही दिया जा रहा है। डॉक्टरों ने तर्क दिया कि बीते 10 सालों में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है और अस्पतालों में मरीजों के दबाव के साथ चिकित्सीय जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में इतने पुराने वेतनमान पर काम करना बेहद कठिन होता जा रहा है।
मानदेय की विसंगति से लाखों का नुकसान
ज्ञापन में एमडी-एमएस (MD-MS) बॉन्डेड डॉक्टरों के मानदेय में फैली तकनीकी विसंगति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। फेडरेशन का आरोप है कि:
मानदेय के बेसिक स्ट्रक्चर में महज 2,000 रुपये के अंतर के कारण डॉक्टरों को मिलने वाले कुल सालाना भुगतान में लगभग 95,000 रुपये तक का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संगठन ने इस विसंगति को तुरंत दूर कर सभी डॉक्टरों के लिए समान और न्यायसंगत मानदेय व्यवस्था लागू करने की अपील की है।
साथ ही, चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा मानदेय बढ़ोतरी के लिए आवश्यक प्रावधान तैयार किए जाने के बाद, वित्त विभाग से इस पर जल्द से जल्द वित्तीय स्वीकृति देने की मांग की गई है।
समय पर फैसला ले सरकार: जेडीए
जेडीए के अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने राज्य सरकार से डॉक्टरों की इन वाजिब मांगों पर तय समय सीमा के भीतर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। संघ का मानना है कि यदि मानदेय से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान हो जाता है, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे डॉक्टरों को बड़ी राहत मिलेगी और वे मानसिक तनाव से मुक्त होकर अपनी सेवाएं दे सकेंगे।