बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में हुई कथित चोरी के मामले में अब कानूनी शिकंजा कस गया है। मंदिर समिति के व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। विभागीय कार्रवाई के बाद अब यह मामला पूरी तरह से पुलिस जांच के घेरे में आ गया है।
बदरीनाथ मंदिर समिति ने इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। इसके आधार पर बदरीनाथ थाने में आठ जुलाई 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंदिर समिति की शिकायत पर केस
मामला दो जुलाई 2026 का है, जब सोशल मीडिया पर बदरीनाथ मंदिर में वित्तीय अनियमितता होने की खबर फैली थी। इसके बाद मंदिर समिति ने तुरंत हरकत में आते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने सुबह 9 बजे से 9:30 बजे के बीच मंदिर से पैसे लिए थे। इस रिपोर्ट के बाद सात जुलाई को कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया था।
जांच बनी आपराधिक मामला
समिति का मानना था कि कर्मचारी के पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच होना मुश्किल है। अब पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद यह मामला विभागीय दायरे से बाहर निकलकर आपराधिक जांच में बदल गया है। मंदिर समिति के अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं।
मामले में सबकी नजरें
पुलिस अब इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल एफआईआर दर्ज होना आरोपों की शुरुआती प्रक्रिया है। सच्चाई क्या है, यह पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा। अभी पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।