छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक हलकों में हाल ही में हुए बड़े फेरबदल के बाद, 2016 बैच की वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी चंदन संजय त्रिपाठी ने आधिकारिक तौर पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के नए कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। निवर्तमान कलेक्टर से चार्ज लेने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय का निरीक्षण किया और जिले के आला अधिकारियों के साथ अपनी पहली परिचयात्मक बैठक की।
पदभार ग्रहण करते ही दिए कड़े संकेत
चार्ज लेते ही नए कलेक्टर के तेवर साफ नजर आए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और प्रशासनिक पारदर्शिता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
जनचौपाल पर विशेष जोर: उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आम जनता की समस्याओं का निवारण समय सीमा के भीतर होना चाहिए।
मैदानी निरीक्षण: सूत्रों के मुताबिक, नए कलेक्टर जल्द ही जिले के दूरस्थ अंचलों (जैसे सामरी और रामचंद्रपुर) का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा ले सकती हैं।
अनुभव का मिलेगा जिले को लाभ
चंदन संजय त्रिपाठी छत्तीसगढ़ कैडर की एक बेहद अनुभवी और संवेदनशील नौकरशाह मानी जाती हैं।
इससे पहले वे राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों (जैसे संचालक, स्वच्छ भारत मिशन, कृषि विभाग और मंत्रालय के अहम पदों) में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
उनकी कार्यशैली को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि बलरामपुर जैसे आदिवासी बाहुल्य और आकांक्षी जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे (Infrastructures) के विकास को एक नई गति मिलेगी।
स्वागत का सिलसिला और पहली बैठक
पदभार ग्रहण करने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम (SDM), और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने गुलदस्ता भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
कलेक्टर का संदेश: "बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का विकास और यहाँ के नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण ही हमारी टीम का एकमात्र लक्ष्य होगा। सभी अधिकारी टीम भावना के साथ काम करें।"
आगे की चुनौतियाँ और प्राथमिकताएँ
चंदन संजय त्रिपाठी के सामने जिले की कमान संभालते ही कुछ मुख्य चुनौतियाँ होंगी, जिन पर सबकी नजरें टिकी हैं:
