उड़ीसा से उत्तर प्रदेश की ओर अवैध रूप से ले जाई जा रही करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की विशाल गांजा खेप को बलरामपुर पुलिस ने बड़ी सतर्कता के साथ पकड़ लिया। छत्तीसगढ़ के कई जिलों और दर्जनों थाना क्षेत्रों से गुजरने के बाद जैसे ही तस्करों का ट्रक यूपी सीमा के करीब पहुंचा, बसंतपुर पुलिस ने अंतिम मूवमेंट पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में नशे की खेप के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के निर्देशन में चल रहे एण्ड-टू-एण्ड अभियान के तहत पुलिस को तकनीकी इनपुट और मुखबिर तंत्र से महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। सूचना के अनुसार एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले का मुख्य आरोपी फिर से सक्रिय होकर बड़ी खेप को आगे बढ़ा रहा था। इसी आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सोनी के नेतृत्व में टीम ने 11–12 जून की रात विशेष घेराबंदी अभियान चलाया और संदिग्ध ट्रक को रोक लिया।
ट्रक की तलाशी में खुलासा
रोकने के बाद जब ट्रक क्रमांक RJ-14 GU-9078 की गहन तलाशी ली गई, तो उसमें बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखे गए 62 पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में कुल 1,941.110 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। पुलिस के अनुसार जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि ट्रक की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
बड़ा नेटवर्क होने का शक
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा वर्ष 2025 में दर्ज एक अन्य बड़े गांजा तस्करी मामले में भी मुख्य आरोपी रह चुका है, जिसमें पहले भी भारी मात्रा में नशा और वाहन जब्त किए गए थे। पुलिस अब इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
अंतिम चरण में हुई गिरफ्तारी
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सोनी के साथ उप निरीक्षक संजीव सांड़िल्य, प्रधान आरक्षक हरिशंकर, आरक्षक आकाश तिवारी, सागर सैल, भुवनेश भारती, जावेद सिंह, धर्मेंद्र यादव, रामसागर और अजय देवांगन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
