जगदलपुर में बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने NMDC प्लांट के फर्नेस में 2235 किलो गांजा को जलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस मादक पदार्थ की कुल अनुमानित कीमत 2 करोड़ 2 लाख 97 हजार 560 रुपए बताई गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा गांजा कुल 61 अलग-अलग मामलों में जब्त किया गया था। अधिकतर मामलों में यह खेप ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते देश के विभिन्न राज्यों में तस्करी के दौरान पकड़ी गई थी। लगातार कार्रवाई के बाद इस बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ को नष्ट किया गया।
NMDC प्लांट फर्नेस में किया गया विनाश
नियमानुसार जब्त किए गए गांजे को NMDC Limited के फर्नेस में जलाकर नष्ट किया गया। पूरी प्रक्रिया को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की पुनः उपयोग या अवैध पुनर्प्राप्ति की संभावना न रहे। इस कार्रवाई के दौरान बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया की निगरानी उच्च अधिकारियों की देखरेख में की गई। सिर्फ गांजा ही नहीं, बल्कि 6500 मिलीलीटर नशीली सिरप को भी नियमानुसार गड्ढा खोदकर नष्ट किया गया। यह कार्रवाई पर्यावरणीय और कानूनी मानकों का पालन करते हुए की गई।प्लास्टिक बोतलों को भेजा गया रीसाइक्लिंग के लिए
नशीली सिरप की खाली प्लास्टिक बोतलों को पर्यावरणीय नियमों के अनुसार अलग कर दिया गया। इन्हें रीसाइक्लिंग के लिए प्लास्टिक फैक्ट्री भेजा गया, ताकि कचरे का सही निस्तारण हो सके। यह पूरी कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की गाइडलाइन के अनुसार की गई।
इसका उद्देश्य न केवल अवैध मादक पदार्थों का निपटान है, बल्कि पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया को सुनिश्चित करना भी है। बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस आगे भी इसी तरह सख्त और प्रभावी कार्रवाई करती रहेगी।
