बस्तर पुलिस द्वारा जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बोधघाट थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्कूटी के माध्यम से गांजा तस्करी कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा, वाहन, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ चल रही मुहिम में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार थाना बोधघाट को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि दो युवक एक्टिवा स्कूटी में अवैध गांजा लेकर जगदलपुर की ओर आने वाले हैं। सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई गई। बोधघाट पुलिस और ब्लैक पैथर टीम को सक्रिय करते हुए संदिग्धों की धरपकड़ के लिए विशेष घेराबंदी की गई।
लामनी रोड पर घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी
पुलिस टीम ने लामनी रोड पर चेकिंग अभियान शुरू किया और आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की। इसी दौरान एक संदिग्ध एक्टिवा स्कूटी को रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान स्कूटी सवार युवकों के बैग की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में अवैध गांजा मिला। बरामद गांजे का कुल वजन 15.110 किलोग्राम पाया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 7 लाख 55 हजार 500 रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुनील कश्यप (28 वर्ष) निवासी नानगुर तथा सागर कश्यप (22 वर्ष) निवासी नेगीगुड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को मौके पर ही हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी गांजा परिवहन कर उसे विभिन्न क्षेत्रों में बेचने की तैयारी में थे।गांजे के साथ वाहन, मोबाइल और नकदी भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15.110 किलोग्राम गांजे के अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक्टिवा स्कूटी, दो मोबाइल फोन तथा 1100 रुपये नकद जब्त किए हैं। जब्त किए गए सभी सामानों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 26 हजार 600 रुपये बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपियों से गांजा रखने और परिवहन करने संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विधिवत गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
