जिल में 912.760 किलो गांजा की करीब 4.5 करोड़ रुपए कीमत की खेप जब्त होने के लगभग ढाई माह बाद महासमुंद पुलिस ने इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को भी गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा के सूक्ष्म विश्लेषण और लगातार की गई एंड-टू-एंड विवेचना के आधार पर ओडिशा के कंधमाल जिले से मुख्य सप्लायर मिश्रो नायक को गिरफ्तार किया है।
4.5 करोड़ के करीब का गांजा
यह मामला 17 अप्रैल का है, जब बसना थाना पुलिस ने पलसापाली बैरियर पर नाकेबंदी के दौरान एक आयशर मालवाहक वाहन को रोका था। वाहन में पुलिस को चकमा देने के लिए कच्चे केले के नीचे 29 प्लास्टिक बोरियों में छिपाकर 912.760 किलो अवैध गांजा रखा गया था। बरामद गांजा की कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपए आंकी गई थी। वाहन से चार फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की गई थीं।

तलाश में लगी थी पुलिस
यह खेप ओडिशा के कंधमाल से उत्तर प्रदेश के शामली भेजी जा रही थी। जांच के दौरान पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मास्टरमाइंड रामजी ठाकुर के जब्त मोबाइल की तकनीकी जांच से पूरे तस्करी नेटवर्क की परतें खुलती गईं। पुलिस ने 17 जून को उत्तर प्रदेश से मुख्य रिसीवर विनय शर्मा उर्फ पंडित को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस लगातार उस व्यक्ति की तलाश में जुटी थी, जो ओडिशा से इतनी बड़ी खेप की सप्लाई कर रहा था।
ओडिशा से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड
इसी कड़ी में 1 जुलाई को बसना पुलिस की टीम ने ओडिशा के कंधमाल जिले के बालिगुड़ा थाना क्षेत्र के कर्णीबेड़ा गांव निवासी मिश्रो नायक (28) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था और उसके जरिए ही गांजा की खेप उत्तर प्रदेश भेजी जाती थी। पुलिस ने सप्लायर, बिचौलियों, वाहन चालक और मुख्य खरीदार सहित सिंडिकेट के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है।