भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को लेकर एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आई है। अमेरिका में उन्हें एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले केविन वॉर्श हाल ही में अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन बने हैं। उन्होंने पद संभालते ही वहां बड़े आर्थिक सुधार कार्यक्रमों को लागू करना शुरू कर दिया है। इसी बड़े बदलाव के तहत उन्होंने दुनिया भर के दिग्गज विशेषज्ञों को अपनी टीम में शामिल करना शुरू किया है। इस ऐतिहासिक कदम के बाद अब us federal reserve structural policy updates को लेकर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में बड़ी चर्चा छिड़ गई है।
रघुराम राजन समेत 3 बड़ी भारतीय हस्तियां शामिल
केविन वॉर्श ने अपनी इस नई विशेष टीम में भारत के पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख रघुराम राजन समेत 3 बड़ी भारतीय हस्तियों को शामिल किया है। राजन को वहां फेडरल रिजर्व की मौजूदा बैलेंस शीट व्यवस्था की जांच करने के लिए बनाई गई एक विशेष टीम में रखा गया है। यह टीम अमेरिकी बैंक के कुल खर्चे, उसके लाभ और पूरी कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा करेगी। आसान भाषा में कहें तो यह पैनल इस बात की जांच करेगा कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक अपने पैसों और संपत्तियों का प्रबंधन किस प्रकार कर रहा है।
हार्वर्ड के बड़े विशेषज्ञों के साथ काम करेंगे रघुराम राजन
रघुराम राजन को हार्वर्ड की प्रसिद्ध अर्थशास्त्री करेन डायनान और फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर जेरेमी स्टीन के साथ इस टास्क फोर्स में नामांकित किया गया है। यह उच्च स्तरीय पैनल बैंक के संस्थागत प्रभावों की गहराई से जांच करेगा। राजन के अलावा इस टीम में शामिल होने वाले दो अन्य भारतीय मूल के एक्सपर्ट्स में दिल्ली में जन्मे अमेरिकी अर्थशास्त्री राज चेट्टी और माइक्रोसॉफ्ट की सीनियर कार्यकारी अधिकारी आशा शर्मा शामिल हैं। इन सभी की नियुक्ति बैंक के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए की गई है।
अमेरिका में आर्थिक सुधारों के लिए बन रही पांच विशेष टीमें
फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन कुल 5 अलग-अलग टास्क फोर्स का गठन कर रहे हैं। इन कमेटियों में रघुराम राजन के साथ-साथ दुनिया की कई नामचीन हस्तियों को शामिल किया जा रहा है। इनमें बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व प्रमुख मर्विन किंग, वॉलमार्ट के पूर्व सीईओ डग मैकमिलन और नोबेल पुरस्कार विजेता थॉमस सार्जेंट जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
बता दें कि रघुराम राजन पहले भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ में मुख्य अर्थशास्त्री रह चुके हैं। इसके अलावा वे भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार और साल 2013 से 2016 तक रिजर्व बैंक के 23वें गवर्नर की जिम्मेदारी बखूबी निभा चुके हैं।