मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा पहुंचे। यहाँ अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में उन्होंने ₹1 करोड़ 7 लाख की लागत से नवनिर्मित 'कचना धुरवा गोंडवाना भवन' का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में पहुँचने पर जनजातीय संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली, जहाँ मुख्यमंत्री का पारंपरिक पगड़ी पहनाकर और पीला चावल से तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने देवस्थल 'देवठाना' में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
नक्सलवाद का खात्मा
सुरक्षा और विकास के मोर्चे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी गरियाबंद और बस्तर के क्षेत्र नक्सलवाद के साये में थे, लेकिन आज यहाँ शांति, सुरक्षा और चौतरफा विकास का माहौल है। सरकार की पुनर्वास नीतियों और सुरक्षा बलों के शौर्य से अब अंदरूनी क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने विशेष रूप से 'नियद नेल्लानार योजना' (आपका अच्छा गांव) का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से अंतिम छोर के गांवों तक सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
गोंडवाना समाज और कचना धुरवा परिसर को और भव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्र विष्णु देव साय ने मंच से ₹63 लाख के विकास कार्यों की तत्काल घोषणा की:
| विकास कार्य का विवरण | स्वीकृत राशि |
| गोंडवाना भवन परिसर की बाउंड्रीवाल (चारदीवारी) निर्माण | ₹27 लाख |
| छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक ग्रंथालय (लाइब्रेरी) निर्माण | ₹20 लाख |
| परिसर के भीतर भव्य सौंदर्यीकरण कार्य | ₹10 लाख |
| भगवान कचना धुरवा की भव्य प्रतिमा स्थापना | ₹06 लाख |
| कुल नई घोषणाएं | ₹63 लाख |
शिक्षित और आत्मनिर्भर बने समाज
गरिमामयी रही दिग्गजों की उपस्थिति
इस भव्य ऐतिहासिक लोकोत्सव के अवसर पर मंच पर जिले के प्रभारी व खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, अखिल भारतीय गोंडवाना महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारी, बड़ी संख्या में जनजातीय समाज की महिलाएं और युवा उपस्थित रहे। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वाद्ययंत्रों और कचना धुरवा के जयकारों से गूंज उठा।