कार्रवाई : 18 हेक्टेयर भूमि का सीमांकन, अवैध सड़क पर चला बुलडोजर
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने रायपुर के सेजबहार फेस-1 क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अपनी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया। दीनदयाल आवास योजना के तहत वर्ष 2006 में आवंटित इस 21.538 हेक्टेयर भूमि पर हाल ही में सीमांकन के दौरान एक निजी बिल्डर द्वारा अवैध रूप से सड़क निर्माण और कब्जे का मामला सामने आया था।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने रायपुर के सेजबहार फेस-1 कॉलोनी पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को हटाया गया है। यह भूमि दीनदयाल आवास योजना के तहत कलेक्टर रायपुर के आदेश 03 फरवरी के माध्यम से ग्राम सेजबहार एवं ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) क्षेत्रफल में आबंटित की गई थी।
इस परियोजना के अंतर्गत ग्राम सेजबहार के खसरा क्रमांक 162/1 का भाग तथा ग्राम दतरेंगा के खसरा क्रमांक 341/1 एवं 341/3 की भूमि भी शामिल है। इस क्षेत्र में आवासीय विकास के लिए 17 मई को विकास अनुज्ञा स्वीकृत की गई थी, जिसके बाद कॉलोनी विकास कार्य प्रारंभ किया गया था।
1435 एलआईजी आवासों का था लक्ष्य
स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुल 1435 लो इनकम ग्रुप (LIG) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। स्थल निरीक्षण और अभिलेख परीक्षण में पाया गया कि इनमें से 1327 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 39 भवन स्वीकृत ले-आउट से अलग बनाये गए थे। इस प्रकार कुल 1366 आवासों का निर्माण दर्ज किया गया। मंडल द्वारा उपलब्ध रिकॉर्ड और पूर्व अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, निर्माण अवधि के दौरान भूमि विवाद उत्पन्न होने के कारण ले-आउट में शामिल भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो पाया। इन भवनों का न तो निर्माण हुआ और न ही किसी प्रकार का विक्रय किया गया।
सीमांकन में उजागर हुआ अवैध कब्जा
हाल ही में मंडल द्वारा लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया गया। इस दौरान यह सामने आया कि एक निजी बिल्डर द्वारा भूमि के हिस्से पर अवैध कब्जा कर बिना अनुमति सड़क का निर्माण किया जा रहा था। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप के नेतृत्व में मंडल की टीम—अमृत लाल बरमन (सपंदा अधिकारी), हेमंत निषाद (सहायक अभियंता), निकिता मिश्रा (उप अभियंता), अनुपम राठौर, पेमेन्द्र ध्रुव, अमय विक्रम और कमलेश दास—मौके पर पहुंची। टीम ने अनधिकृत सड़क को हटाकर पूरी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
भविष्य में नई आवासीय परियोजना की योजना
मंडल अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि संगठन की महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है, जिस पर भविष्य में नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भूमि और परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम आगे भी जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।