उधमपुर से शनिवार सुबह दुर्ग पहुंची शहीद कैप्टन तुषार महाजन (एमसीटीएम)-दुर्ग सुपरफास्ट एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी के चलते यात्रियों को पूरी रात मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ट्रेन रवाना होने के कुछ समय बाद ही कई कोचों की एसी और लाइट बंद हो गई, जिससे कोचों में गर्मी और उमस बढ़ गई। परेशान यात्रियों ने रास्ते में तीन बार चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
हर बार ट्रेन रुकने पर रेलवे कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी दूर करने का प्रयास किया। हालांकि यात्रियों का कहना है कि लंबे समय तक एसी और लाइट सामान्य रूप से चालू नहीं हो सकी। इस वजह से पूरी रात लोगों को असुविधा झेलनी पड़ी।
ट्रेन चलने के लगभग आधे घंटे बाद हुई परेशानी
उसलापुर तक यात्रा करने वाले एक यात्री ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में कोच के अंदर अंधेरा, गर्मी से परेशान यात्री, खड़ी महिलाएं और तकनीकी खराबी दूर करने में जुटे रेलवे कर्मचारी नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इस घटना की चर्चा तेज हो गई। ट्रेन संख्या 20848 गुरुवार-शुक्रवार की रात करीब 12:10 बजे जम्मू-कश्मीर के उधमपुर स्थित शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन से रवाना हुई थी। यात्रियों के अनुसार, ट्रेन चलने के लगभग आधे घंटे बाद ही कई कोचों की एसी और लाइट बंद हो गई। इसके बाद कोचों में अंधेरा छा गया और गर्मी लगातार बढ़ने लगी।
महिलाओं-बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
तकनीकी खराबी का सबसे अधिक असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों पर पड़ा। कई लोग पूरी रात सो नहीं सके। कुछ यात्रियों ने गर्मी से राहत पाने के लिए अपनी सीट छोड़कर कोच के दरवाजे और गेट के पास खड़े होकर सफर किया, ताकि उन्हें थोड़ी हवा मिल सके। यात्रियों ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने ट्रेन स्टाफ को समस्या की जानकारी दी, लेकिन जब काफी देर तक कोई राहत नहीं मिली तो मजबूर होकर तीन बार चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई। हर बार रेलवे कर्मचारी खराबी ठीक करने में जुटे, लेकिन एसी और लाइट की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी। यात्रियों ने रेलवे के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर कई बार कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी रेलवे को टैग कर समस्या बताई गई। यात्रियों का कहना है कि झांसी पहुंचने के बाद स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ, लेकिन एसी और लाइट पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके।यात्री बोले- पानी की व्यवस्था भी नहीं थी
एक यात्री ने बताया कि पूरी रात एसी और लाइट बंद रहने से हालात बेहद खराब हो गए थे। ट्रेन में पर्याप्त पानी की व्यवस्था भी नहीं थी। कई बार शिकायत करने और हेल्पलाइन पर संपर्क करने के बावजूद समय पर राहत नहीं मिली। उनका कहना है कि रात में मौसम थोड़ा ठंडा होने से कुछ राहत मिली, लेकिन सुबह होते ही फिर गर्मी और उमस बढ़ गई। तकनीकी खराबी और रास्ते में बार-बार ट्रेन रुकने का असर उसके समय पर भी पड़ा। उधमपुर से दुर्ग आने वाली यह सुपरफास्ट एक्सप्रेस शनिवार सुबह अपने निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे की देरी से दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंची। घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि लंबी दूरी की ट्रेनों का नियमित तकनीकी निरीक्षण और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।