भारी हंगामा : सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, मंच पर अभिजीत दीपके पर फेंकी गई स्याही
लद्दाख से जुड़ी मांगों को लेकर 21 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई। इसके विरोध में प्रदर्शन के दौरान सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। वहीं वांगचुक की पत्नी ने अस्पताल और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मेडिकल रिपोर्ट की स्वतंत्र जांच की मांग की।
क
कीर्तिमान न्यूज
18 Jul 2026, 02:51 PM
नई दिल्ली
दिल्ली का ऐतिहासिक धरना स्थल, जंतर-मंतर शनिवार सुबह एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियों और हंगामे का केंद्र बन गया। लद्दाख की मांगों को लेकर पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें जबरन अस्पताल में शिफ्ट कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी, जिसके बाद वहां जमकर अफरा-तफरी मची। सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा उठाए जाने के विरोध में अभिजीत दीपके ने खुद अनशन पर बैठने का ऐलान किया था।
फेंकी स्याही, मचा जंतर-मंतर में हड़कंप
चश्मदीदों के मुताबिक, जब दीपके मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर रहे थे, तभी भीड़ में से एक महिला अचानक उनके बेहद करीब पहुंच गई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला ने दीपके पर स्याही फेंक दी और उनके साथ हाथापाई की कोशिश भी की। इस अचानक हुए हमले से जंतर-मंतर पर हड़कंप मच गया और समर्थकों ने तुरंत महिला को पकड़ लिया।
पोस्ट में लिखा ब्लू इस माय कलर
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभिजीत दीपके ने बेहद सधे हुए और सकारात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ब्लू इज माय कलर, और जय भीम!" जंतर-मंतर से सीधे सफदरजंग अस्पताल ले जाए गए सोनम वांगचुक की मेडिकल स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारू बंबा ने हेल्थ बुलेटिन जारी करते हुए बताया, "सोनम वांगचुक को सुबह करीब 7:40 बजे अस्पताल लाया गया था। लगातार 21 दिनों से अन्न का त्याग करने के कारण उनके शरीर में काफी कमजोरी आ गई है और वे हल्के डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार हैं। डिहाइड्रेशन की वजह से उनके इलेक्ट्रोलाइट लेवल पर असर पड़ने के संकेत मिले हैं, इसलिए उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।"
जंतर-मंतर पर बवालगीतांजलि ने जांच की मांग की
दूसरी ओर, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हाई कोर्ट के आदेश में कहीं भी उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती करने की बात नहीं कही गई थी। कोर्ट ने सिर्फ यह कहा था कि स्वास्थ्य सर्वोपरि है और उसकी समय-समय पर जांच होनी चाहिए। प्रशासन की यह कार्रवाई अदालत के रुख के खिलाफ है।"
बस कर रहे टेस्ट, नहीं हो रहा इलाज
गीतांजलि ने अस्पताल की रिपोर्ट्स पर भी संदेह जताया है। उन्होंने कहा, "अभी कोई इलाज नहीं चल रहा है, सिर्फ टेस्ट किए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन हमें मांगी गई रिपोर्ट्स नहीं दे रहा है। वे दावा कर रहे हैं कि पोटैशियम का लेवल गिरकर 2.9 पर आ गया है, जबकि कल तक यह 4.3 था। महज़ कुछ घंटों में इतना बड़ा बदलाव मुमकिन नहीं है। इसलिए हम किसी बाहरी (प्राइवेट) लैब से इन टेस्ट्स की पुष्टि करवाएंगे। जब तक पुष्टि नहीं होती, हम कोई दवा नहीं लेने देंगे।" उन्होंने साफ किया कि सोनम वांगचुक का उपवास अभी भी जारी है। वे केवल नमक-पानी ले रहे हैं और किसी भी तरह की शुगर या दवा लेने से इनकार कर दिया है।
दखलंदाजी की जरूरत नहीं
गीतांजलि ने कहा कि अनशन के कारण उनका वजन और मसल मास जरूर कम हुआ है, लेकिन उनकी मानसिक स्थिति और हौसला बेहद मजबूत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मैं शुक्रगुजार हूं कि सरकार ने उनकी सेहत की परवाह की, लेकिन अब आगे के कदम हम खुद तय करेंगे। हमें इसमें सरकार की दखलंदाजी की जरूरत नहीं है।"