शिवपुरी के कफार गांव में करीब दो हजार की आबादी के बीच महिलाओं ने एकजुट होकर कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाया। हाथों में लाठियां लेकर वे शराब बनाने वाले ठिकानों पर पहुंचीं और कार्रवाई की। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से गांव में अवैध शराब का कारोबार चल रहा था। शराब की वजह से घरेलू हिंसा, पारिवारिक कलह और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही थीं, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए। महिलाओं ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को कई बार अवैध शराब की जानकारी दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बड़ा कदम : अवैध शराब के खिलाफ आदिवासी महिलाओं का बड़ा एक्शन, गांव में खुद की कार्रवाई
शिवपुरी के कफार गांव में आदिवासी महिलाओं ने कच्ची शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लाठियां लेकर पहुंचीं महिलाओं ने शराब बनाने के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए उपकरण तोड़े और तैयार शराब व महुआ नष्ट कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि शराब की वजह से गांव में घरेलू हिंसा और विवाद बढ़ रहे थे।
महिलाओं ने गांव में चल रहे कई कच्ची शराब के ठिकानों पर पहुंचकर शराब बनाने के बर्तन और अन्य सामग्री तोड़ दी। तैयार शराब और महुआ को सड़क पर फेंककर नष्ट कर दिया गया।
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