बड़ा मोड़ : हड़ताल खत्म, आज से काम पर लौटे तहसीलदार-नायब तहसीलदार
सरगुजा के राजापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू होने और शासन से सकारात्मक चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व मंत्री और विभागीय सचिव से मुलाकात कर अधिकारियों की सुरक्षा सहित विभिन्न मांगें रखीं, जिन पर सरकार ने चरणबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।
राजस्व अधिकारियों की सुरक्षा और राजापुर घटना को लेकर छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का प्रतिनिधिमंडल 1 जून को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा विभागीय सचिव से मिला। बैठक में संघ ने केवल राजापुर प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग ही नहीं रखी, बल्कि राजस्व अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ की कमी, वाहन सुविधा, न्यायालयीन कार्यों के लिए आधारभूत ढांचे के विकास और लंबित प्रशासनिक मांगों को भी प्रमुखता से उठाया।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार शासन ने सभी मांगों को गंभीरता से लिया है और उनके निराकरण के लिए चरणबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शासन के इस सकारात्मक रुख और राजापुर मामले में शुरू हुई कानूनी कार्रवाई को देखते हुए संघ ने सामूहिक अवकाश और आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है।
आज से सामान्य होंगे राजस्व
संघ के फैसले के बाद 4 जून से प्रदेशभर में राजस्व, न्यायालयीन, निर्वाचन, जनगणना तथा अन्य प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से संचालित होने लगे हैं। इससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से प्रस्तावित आंदोलन के चलते कई शासकीय कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। संघ ने जानकारी दी कि थाना सीतापुर द्वारा 3 जून को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नायब तहसीलदार तुषार मानिक की शिकायत पर अपराध क्रमांक 190/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121(1), 132 और 191(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस के समक्ष नामजद आरोपी नाजिम राजा और पंकज गुप्ता की उपस्थिति दर्ज हो चुकी है तथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा राजापुर विवाद?
राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट का मामला उस समय सामने आया जब सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए गए। दूसरी ओर विधायक की बहन सीमा धनकी ने भी नायब तहसीलदार पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था।
जानकारी के अनुसार सीमा धनकी अपने पति के पैरोल संबंधी दस्तावेज तैयार करवाने राजापुर कार्यालय पहुंची थीं। उनके पति एक हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। सीमा धनकी का आरोप है कि कार्यालय में उनके साथ नायब तहसीलदार ने अनुचित व्यवहार किया, जिससे वह आहत हो गईं।
फोन कॉल के बाद बढ़ा मामला
बताया जाता है कि घटना के बाद सीमा धनकी ने अपने भाई विधायक रामकुमार टोप्पो को फोन कर पूरी जानकारी दी। इसके बाद विधायक की ओर से नायब तहसीलदार को राजापुर बुलाया गया। आरोप है कि वहां पहले बातचीत हुई, लेकिन बाद में विवाद बढ़ गया और विधायक के समर्थकों ने नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विधायक स्वयं भी इस घटना में शामिल थे। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सीमा धनकी की शिकायत पर नायब तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, वहीं तुषार मानिक की शिकायत पर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा
राजापुर की घटना के बाद प्रदेशभर के राजस्व अधिकारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसी मुद्दे को लेकर प्रशासनिक सेवा संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। अब शासन के हस्तक्षेप और कार्रवाई के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा अभी भी प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।