अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (22 मई) के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को लेकर व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। वन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न वन परिक्षेत्रों और बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में संगोष्ठी, शपथ ग्रहण, पौधरोपण, चित्रकला प्रतियोगिता, सीड बॉल निर्माण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों और वन प्रबंधन समितियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। बलौदाबाजार वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि जैव विविधता केवल पेड़-पौधों और वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन और पृथ्वी के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है।
ऐसे समय में समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं और बच्चों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लें तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर टिकाऊ और समावेशी भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
बल्दाकछार और सोनाखान क्षेत्र में संगोष्ठियों का आयोजन
वन परिवृत्त परसदा (ठाकुरदिया) और कोशमसरा सहित बल्दाकछार एवं सोनाखान परिक्षेत्रों में विशेष संगोष्ठियां आयोजित की गईं। कार्यक्रमों में जैव विविधता प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सरपंच, पंच, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। विशेषज्ञों ने ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव, वन संरक्षण और वन्यजीवों की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।
बलौदाबाजार परिक्षेत्र में वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. एकता कर के नेतृत्व में धमनी, सलोनी, खैरी और जोराडबरी गांवों में जैव विविधता संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाई गई। ग्राम अर्जुनी के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता और सीड बॉल निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बच्चों ने प्रकृति संरक्षण पर आधारित आकर्षक चित्र बनाए, वहीं ग्रामीणों और वनकर्मियों ने मिलकर हजारों सीड बॉल तैयार किए।
बारनवापारा अभयारण्य में पौधरोपण
बारनवापारा अभयारण्य अंतर्गत ग्राम हरदी में आयोजित कार्यशाला में मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की रोकथाम और जैव विविधता संरक्षण पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। वहीं देवपुर नेचर कैंप में सघन पौधरोपण, शपथ ग्रहण और सीड बॉल निर्माण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में अभयारण्य अधीक्षक कृषानू चन्द्राकार, परिक्षेत्र अधिकारी सुरूपेश्वरी दीवान, गीतेश बंजारे, संतोष पैंकरा, महिला स्व-सहायता समूह और स्थानीय समितियों की सहभागिता रही।
