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बस किराया बढ़ाने की मांग के बीच बस स्टैंड पर खड़ी यात्री बसें
बस किराया बढ़ाने की मांग के बीच बस स्टैंड पर खड़ी यात्री बसें
रायपुर

महंगाई की मार : बस संचालकों ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को सौंपा

छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों को जल्द महंगाई का झटका लग सकता है। राज्य यातायात महासंघ ने पेट्रोल-डीजल और संचालन खर्च बढ़ने का हवाला देते हुए ओडनिवरी बसों का किराया 50% और डीलक्स बसों का किराया 30% बढ़ाने की मांग की है। अब इस प्रस्ताव पर सरकार के फैसले का इंतजार है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 26 May 2026, 03:05 PM · अपडेट: 30 Oct 2026, 03:53 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही महंगाई का बड़ा झटका लग सकता है। राज्य यातायात महासंघ ने बस किराए में बढ़ोतरी की मांग करते हुए सरकार के सामने प्रस्ताव रखा है। महासंघ का कहना है कि लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों के कारण बस संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है। डीजल, स्पेयर पार्ट्स, टैक्स और कर्मचारियों के खर्च में लगातार इजाफा होने से परिवहन व्यवसाय पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

यातायात महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आखिरी बार वर्ष 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। इसके बाद से लगातार महंगाई बढ़ती रही, लेकिन किराया जस का तस बना हुआ है। महासंघ का कहना है कि मौजूदा दरों में बसों का संचालन घाटे का सौदा बन गया है, जिससे कई रूटों पर बस संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ओडनिवरी और डीलक्स बसों के लिए अलग-अलग मांग

महासंघ ने सरकार से ओडनिवरी (साधारण) बसों के किराए में 50 प्रतिशत तक वृद्धि करने की मांग की है। वहीं डीलक्स और लग्जरी बसों के किराए में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। परिवहन व्यवसायियों का तर्क है कि डीलक्स बसों के रखरखाव और सुविधाओं पर अतिरिक्त खर्च आता है, इसलिए किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है। यदि सरकार इस मांग को मंजूरी देती है, तो रोजाना बसों से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। खासतौर पर नौकरीपेशा लोग, छात्र और ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने-जाने वाले यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ सकता है। कई यात्रियों ने पहले ही बढ़ती महंगाई के बीच किराया बढ़ाने का विरोध शुरू कर दिया है।

सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजर राज्य सरकार और परिवहन विभाग के फैसले पर टिकी हुई है। परिवहन विभाग जल्द ही महासंघ के प्रस्ताव पर विचार कर सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बैठक भी हो सकती है, जिसमें किराया वृद्धि को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल यात्रियों और बस संचालकों दोनों को सरकार के फैसले का इंतजार है।

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