आजकल निजी और सहकारी बैंकों में ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे बैंकिंग सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा और चौंकाने वाला मामला ट्रांसपोर्ट कोऑपरेटिव बैंक से सामने आया है। यहाँ एक प्रतिष्ठित व्यापारी के ओवरड्राफ्ट (OD) अकाउंट में सेंधमारी की गई और उनकी जानकारी के बिना लाखों रुपए का अवैध विड्रॉल (निकासी) कर लिया गया। जब व्यापारी को इस धोखाधड़ी की भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच के बाद बैंक के ही दो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कर ली गई है, जिससे बैंक प्रबंधन में भी हड़कंप मच गया है।
पुलिस द्वारा आगे की जांच पड़ताल जारी
यहां पर तमाम रुपयों के लेनदेन से जुड़े मामले का हिसाब किताब बारीकी से रखा जाता है, लेकिन उसके बावजूद भी ट्रांसपोर्ट कारोबारी के बैंक अकाउंट का उपयोग राशि को निकालने और भुगतान से जुड़ा हुआ था। इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रकरण दर्ज हुआ है। अब मामले की आगे जांच पड़ताल की जा रही है कि इन कर्मचारियों के द्वारा कितने व्यापारियों के साथ इस तरह की वारदात की गई है।
कारोबारी नवीन सोनी की शिकायत
बैंक की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल
आमतौर पर ऐसी निजी और व्यावसायिक बैंकिंग संस्थाओं में रुपयों के लेन-देन, ऑडिट और हिसाब-किताब का रिकॉर्ड बेहद बारीकी और कड़ाई से रखा जाता है। प्रत्येक बड़े ट्रांजैक्शन के लिए कई स्तरों पर वेरिफिकेशन (सत्यापन) की प्रक्रिया होती है। इसके बावजूद, बैंक के अंदर बैठे इन कर्मचारियों ने कारोबारी के अकाउंट का गलत इस्तेमाल किया और इतनी बड़ी राशि निकाल ली, जिसने बैंक की आंतरिक सुरक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।