महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा के अंतर्गत आने वाले शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल बकमा में नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ बेहद उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में हुआ। 'शाला प्रवेश उत्सव' के तहत स्कूल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जैसे ही नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं ने विद्यालय की दहलीज पर कदम रखा, उनका पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर और फूल-मालाओं के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।
इस दौरान बच्चों के चेहरे पर नए सत्र को लेकर एक अलग ही चमक और उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष केशव नायक राम चंद्राकर ने दीप प्रज्वलित कर उत्सव की शुरुआत की।
शिक्षा का नया संकल्प
इस वर्ष के प्रवेश उत्सव में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि परिवार का सहयोग भी अनिवार्य है। जनप्रतिनिधियों ने पालकों से अपील की कि वे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही, शिक्षकों ने जानकारी दी कि इस नए सत्र में पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को डिजिटल लर्निंग और नए जमाने के कौशलों (स्किल्स) से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी प्रतिस्पर्धा में आगे रह सकें।
शिक्षा विभाग
इस भव्य आयोजन में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO): के.के. वर्मा
बीआरसी: साहू
वरिष्ठ नागरिक: रामजीलाल सिन्हा
स्थानीय नेतृत्व: सरपंच लीलेश्वर बल्ला साहू, उपसरपंच कमलनारायण साहू
शाला प्रबंधन: समिति के अध्यक्ष हरखराम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक उपस्थित रहे।
उपलब्धियां और आगामी शैक्षणिक रोडमैप
संकल्प और उज्ज्वल भविष्य
कार्यक्रम के अंतिम चरण में संकुल समन्वयक रामनारायण धीवर सहित विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। 'शिक्षा, संस्कार और स्वर्णिम भविष्य' के सामूहिक संकल्प के साथ इस गौरवमयी शाला प्रवेश उत्सव का समापन हुआ। नए सत्र के पहले ही दिन मिले इस प्रोत्साहन से विद्यार्थी और उनके अभिभावक बेहद खुश नजर आए।