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6 म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार
6 म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार
दुर्ग

खुलासा : 6 म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार, 30 खातों की जांच जारी

दुर्ग जिले के उतई क्षेत्र में पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 6 खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। ये लोग अपने बैंक खातों, एटीएम और सिम कार्ड को साइबर ठगों को इस्तेमाल करने देते थे, जिनके जरिए ठगी के लाखों रुपये का लेन-देन किया जाता था।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 18 Jun 2026, 03:23 PM · अपडेट: 02 Nov 2026, 07:54 PM
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

दुर्ग जिले में साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उतई पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने ऐसे 6 लोगों को गिरफ्तार किया है जो अपने बैंक खातों को साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल होने दे रहे थे।

इस पूरे मामले का खुलासा भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर हुआ। इनपुट मिलने के बाद उतई क्षेत्र में स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कई खातों की जांच शुरू की गई, जिसमें संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए।

जांच में पता चला कि इन खातों के जरिए साइबर ठगी से जुड़े लाखों रुपए जमा किए गए थे। यह राशि बाद में अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी या फिर नकद निकाल ली जाती थी। पुलिस ने इन खातों को पूरी तरह “म्यूल अकाउंट” के रूप में चिन्हित किया है।

2024 से 2026 तक लगातार चल रहा था नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों में लगातार संदिग्ध लेन-देन होता रहा। इस नेटवर्क के जरिए अवैध रूप से प्राप्त धन को अलग-अलग खातों में घुमाकर छिपाने की कोशिश की जा रही थी। बैंक रिकॉर्ड, केवाईसी दस्तावेज और ट्रांजेक्शन डिटेल की जांच के बाद 6 खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड अन्य लोगों को उपयोग करने के लिए दिए थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे अपने बैंक खाते दूसरों को देकर बदले में पैसे कमाते थे। इन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने और नकद निकालने में किया जाता था।

6 आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए

गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच भी तेज कर रही है।

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—
भूपेन्द्र हिरवानी (23), नवलेश्वर पाटले (35), पवन सिंह (32), आकाश चंद्राकर (37), अर्पण शुक्ला (23) और मुकेश सिंह (23), जो सभी भिलाई सेक्टर-7 के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। यह सामग्री साइबर ठगी नेटवर्क में उनकी भूमिका को स्पष्ट करती है।

30 खाताधारक जांच के घेरे में

पुलिस का कहना है कि इस मामले में करीब 30 संदिग्ध खाताधारकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन सभी की भूमिका की गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

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