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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 70 जहाजों को सुरक्षित निकालने का दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 70 जहाजों को सुरक्षित निकालने का दावा

सीजफायर बेअसर :  होर्मुज में जारी अमेरिका-ईरान की ताकत की जंग, समुद्री मार्ग पर बढ़ा खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच घोषित सीजफायर के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बना हुआ है। ईरान द्वारा समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने और जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने के दावों के बीच सैकड़ों व्यापारिक जहाज फंस गए हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पिछले तीन सप्ताह में 70 व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने का दावा किया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

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प्रकाशित: 01 Jun 2026, 02:44 PM · अपडेट: 02 Nov 2026, 03:29 AM
तेहरान
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
मध्य पूर्व में घोषित युद्धविराम के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय और अधिक जटिल होता नजर आ रहा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दोनों ओर सैकड़ों मालवाहक और तेल टैंकर जहाज फंस गए हैं तथा समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है। अमेरिकी और पश्चिमी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने जलडमरूमध्य के कई हिस्सों में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं और अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा दी है। इसके जवाब में अमेरिका ने भी समुद्री नाकेबंदी को और कड़ा कर दिया है। अमेरिकी नौसेना और सेंट्रल कमांड लगातार इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में गश्त कर रहे हैं और जहाजों की आवाजाही पर नजर बनाए हुए हैं।

70 जहाजों को निकालने का दावा

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले तीन सप्ताह के दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लगभग 70 व्यावसायिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित बाहर निकालने या वहां से गुजरने में सहायता प्रदान की है। इनमें तेल टैंकर, कंटेनर जहाज और अन्य व्यापारिक पोत शामिल बताए जा रहे हैं।  इन जहाजों में से अधिकांश ने सुरक्षा कारणों से अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए थे, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति और पहचान सार्वजनिक न हो सके। अमेरिकी अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन जहाजों ने कौन-सा समुद्री मार्ग अपनाया, लेकिन इतना जरूर कहा गया कि उन्हें ईरानी तट के बेहद करीब से नहीं गुजरने दिया गया।

बारूदी सुरंगों ने बढ़ाया खतरा

यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं, तो यह पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार की जीवनरेखा माना जाता है। दुनिया के समुद्री तेल परिवहन का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। समुद्री सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी जहाज के सुरंग से टकराने की स्थिति में न केवल बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि क्षेत्रीय संघर्ष भी और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

ऊर्जा बाजार पर असर

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव का सीधा प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने की आशंका है। खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल इसी मार्ग से एशिया, यूरोप और अमेरिका तक पहुंचता है। यदि समुद्री यातायात लंबे समय तक बाधित रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। जहाजों की आवाजाही धीमी पड़ने से बीमा लागत, परिवहन खर्च और डिलीवरी समय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।

आमने-सामने दो बड़ी ताकतें

सीजफायर की घोषणा के बाद उम्मीद की जा रही थी कि क्षेत्र में तनाव कम होगा, लेकिन हालिया घटनाक्रम इसके विपरीत संकेत दे रहे हैं। अमेरिका और ईरान दोनों ही रणनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश में दिखाई दे रहे हैं। जहां ईरान अपने समुद्री क्षेत्र में दबाव बढ़ा रहा है, वहीं अमेरिका अपने सहयोगी देशों और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के नाम पर सैन्य उपस्थिति मजबूत कर रहा है। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन सकता है।
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