CG News: छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। राशन कार्ड से जुड़े काम प्रभावित होने के कारण नए कार्ड बनवाने, परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने और संशोधन के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। इसका असर आयुष्मान कार्ड बनवाने पर भी पड़ रहा है। दूसरी ओर, नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन के लिए भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पाई है।
राशन कार्ड के 500 से अधिक आवेदन लंबित
रायपुर जिले में नए राशन कार्ड बनाने, सदस्यों के नाम जोड़ने और कार्ड में संशोधन से जुड़े 500 से अधिक आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। खाद्य विभाग का पुराना पोर्टल बंद हो चुका है, जबकि नया स्मार्ट पीडीएस पोर्टल अभी तकनीकी जांच के दौर में है। इसके कारण आवेदकों को अपने काम के लिए निगम के जोन कार्यालयों और खाद्य विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जिले में राशन वितरण के लिए कुल 721 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं। इनमें 299 शहरी और 422 ग्रामीण क्षेत्र में हैं। इन दुकानों के माध्यम से करीब 6.63 लाख राशन कार्डधारियों को हर महीने खाद्यान्न वितरित किया जाता है।
राशन कार्ड में नाम नहीं तो आयुष्मान कार्ड बनवाने में परेशानी
राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज नहीं होने से पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने में भी बाधा आ रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार सालाना पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलती है।
ऐसे में जिन परिवारों के सदस्यों के नाम राशन कार्ड में जोड़ने का काम लंबित है, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आवेदक चाहते हैं कि राशन कार्ड से जुड़ी सेवाएं जल्द शुरू हों, ताकि लंबित मामलों का निराकरण किया जा सके।
नए स्मार्ट पीडीएस पोर्टल का इंतजार
पुराना पोर्टल बंद होने के बाद नया स्मार्ट पीडीएस पोर्टल अभी शुरू नहीं हो पाया है। खाद्य विभाग के जिला नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा के अनुसार, नए पोर्टल को शुरू करने की तैयारी चल रही है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद इसके माध्यम से नए राशन कार्ड के आवेदन सहित अन्य सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
दो लाख से अधिक गैस कनेक्शन के आवेदन लंबित
राशन कार्ड के साथ घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर भी उपभोक्ताओं की परेशानी सामने आ रही है। खबर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब सात महीने से नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी नहीं होने के कारण प्रदेश में दो लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं। सामान्य घरेलू कनेक्शन नियमित रूप से कब जारी होंगे, इसकी स्पष्ट समय सीमा सामने नहीं आई है।इस बीच उपभोक्ताओं को 10 किलो क्षमता वाले प्रीमियम फाइबर सिलिंडर का विकल्प दिया जा रहा है। हालांकि, इसकी शुरुआती लागत और गैस की कीमत सामान्य घरेलू सिलिंडर से अधिक बताई गई है।
प्रीमियम सिलिंडर के लिए करीब 5,000 रुपए का खर्च
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रीमियम फाइबर सिलिंडर के कनेक्शन के लिए करीब 5,000 रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। इसमें लगभग 2,500 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट और जीएसटी, पाइप, रेगुलेटर व अन्य शुल्क शामिल बताए गए हैं। इस सिलिंडर की एक खासियत इसका हल्का और पारदर्शी होना है, जिससे गैस का स्तर देखा जा सकता है। कंपनी की ओर से बुकिंग के चार घंटे के भीतर डिलीवरी का दावा भी किया जा रहा है।
सामान्य घरेलू गैस से महंगी पड़ती है प्रीमियम गैस
प्रीमियम सिलिंडर में गैस की कीमत करीब 166 रुपए प्रति किलो बताई गई है। वहीं, 14.5 किलो के घरेलू सिलिंडर की रिफिल कीमत करीब 1,024 रुपये बताई गई है। खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सब्सिडी को शामिल करने पर घरेलू गैस की प्रभावी कीमत करीब 71 रुपए प्रति किलो पड़ती है। इस तुलना में प्रीमियम सिलिंडर की गैस काफी महंगी है।
बीपीसीएल डिस्ट्रीब्यूटर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मुरारी गौर के अनुसार, प्रीमियम सिलिंडर के विकल्प के साथ नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। हालांकि, सामान्य घरेलू कनेक्शन की नियमित आपूर्ति कब बहाल होगी, इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है।
लंबित आवेदनों के निराकरण की मांग
राशन कार्ड पोर्टल शुरू नहीं होने और नए घरेलू गैस कनेक्शन में देरी से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। आवेदकों की मांग है कि स्मार्ट पीडीएस पोर्टल जल्द शुरू किया जाए, ताकि राशन कार्ड से जुड़े लंबित काम पूरे हो सकें और पात्र परिवार आयुष्मान कार्ड सहित सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। साथ ही, घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी करने की नियमित व्यवस्था बहाल करने की मांग भी उठ रही है।







