CG Politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने इस अभियान को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवा के नाम पर सरकारी तंत्र का उपयोग राजनीतिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
डॉ. डहरिया ने कहा कि स्थानीय निकायों और पंचायतों का अमला जनता की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदार है। इसके बावजूद कर्मचारियों को आयोजनों की तैयारियों में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खराब सड़कें, पेयजल संकट, सफाई व्यवस्था और दूसरी नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन को अधिक ध्यान देना चाहिए।
जनसमस्याओं से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को काम करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सरकार बड़े आयोजनों और प्रचार गतिविधियों के जरिए जनता का ध्यान दूसरी ओर ले जाने का प्रयास कर रही है।
सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग
डॉ. शिवकुमार डहरिया ने सरकार से मांग की कि प्रशासनिक संसाधनों का इस्तेमाल राजनीतिक कार्यक्रमों में करने के बजाय जनता से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं और जनहित के मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।किसानों और युवाओं के मुद्दों का किया जिक्र
डॉ. डहरिया ने कहा कि आम लोग बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, जबकि युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती बनी हुई है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि खेती से जुड़े लोगों को खाद-बीज की उपलब्धता और फसलों के सही दाम को लेकर चिंता बनी हुई है।
सच्ची सेवा के लिए जनहित को प्राथमिकता देने की अपील
पूर्व मंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी जनता की समस्याओं का समाधान करना होती है। उन्होंने कहा कि यदि सेवा अभियान का उद्देश्य वास्तव में लोगों की मदद करना है तो सरकारी संसाधनों को जनसुविधाओं को मजबूत करने में लगाया जाना चाहिए।

