CG Teacher Recruitment: 5,000 शिक्षकों की होगी सीधी भर्ती, पहली बार CBT से होगा चयन
CG Teacher Recruitment: सरकार जल्द ही 5,000 शिक्षकों की सीधी भर्ती करेगी। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा उत्कृष्ट विद्यालयों के 3,066 पदों पर संविदा भर्ती जारी है। स्कूलों में बायोमेट्रिक उपस्थिति, स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई और नए भवनों के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है।
CG Teacher Recruitment स्कूल शिक्षा विभाग को पटरी पर लाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए साय सरकार ने बड़ा दांव खेला है। प्रदेश में जल्द ही 5,000 शिक्षकों की सीधी भर्ती की जाएगी। इस बार चयन प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या धांधली रोकने के लिए पहली बार कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। नवा रायपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए स्कूल
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विभाग के कामकाज का पूरा ब्योरा रखा। उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर स्कूल में शिक्षकों की पर्याप्त तैनाती और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है।
3,066 पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया जारी
राज्य के प्रतिष्ठित अंग्रेजी और हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों में खाली पदों को भरने का काम तेजी से चल रहा है:
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय: 1,895 पदों पर संविदा भर्ती जारी।
स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय: 1,171 पदों पर प्रक्रिया जारी।
कुल मिलाकर दोनों श्रेणी के स्कूलों को मिलाकर 3,066 पदों पर जल्द नियुक्तियां पूरी होंगी।
सही संतुलन के लिए बड़े फेरबदल
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में नए शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। वहीं, 4,729 ऐसे स्कूल जहां केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही थी, वहां अतिरिक्त शिक्षक तैनात किए गए हैं। पदस्थापना के सही संतुलन के लिए विभाग ने बड़ा फेरबदल करते हुए 10,538 स्कूलों का समायोजन किया है।
Keertimanदो वर्षों में 7000 से अधिक प्रमोशन
इस प्रक्रिया के तहत 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग स्कूलों में पदस्थ किया गया है। शिक्षकों के करियर को गति देने के लिए बीते दो वर्षों में 7,000 से अधिक प्रमोशन किए गए हैं। इनमें 2,813 प्राचार्य और 1,798 व्याख्याता (Lecturer) पद शामिल हैं।
848 स्पेशल एजुकेटर के पद स्वीकृत
विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई सुगम बनाने के लिए सरकार ने 848 स्पेशल एजुकेटर के पद स्वीकृत किए हैं। इनमें से 62 पदों पर भर्ती पूरी भी हो चुकी है।
स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई और बायोमेट्रिक उपस्थिति
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे में कई बड़े बदलाव किए गए हैं:
कक्षा 1 और 2: हिंदी की किताबों में 'बारहखड़ी' को शामिल किया गया है।
स्थानीय भाषाएं: बस्तर और सरगुजा के आदिवासी इलाकों में बच्चों की सहूलियत के लिए छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी भाषा में किताबें तैयार की जा रही हैं। इसके लिए बस्तर में 2,700 और सरगुजा में 2,368 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
स्मार्ट उपस्थिति: स्कूलों में शिक्षकों की लेट-लतीफी रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक और 'टीके ऐप' अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में लगभग 85% शिक्षक रोजाना ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
बस्तर में फिर से खिलखिलाए 48 बंद पड़े स्कूल
सुदूर इलाकों में बंद पड़े 48 स्कूलों को दोबारा खोल दिया गया है, जबकि 36 नए प्राथमिक स्कूल शुरू किए गए हैं। बस्तर संभाग के 97 फीसदी गांवों में अब प्राथमिक शिक्षा की पहुंच बन चुकी है। इसके अलावा, नए सत्र की शुरुआत से पहले ही 45 लाख 33 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा चुकी हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 504 नए स्कूलों को मंजूरी दी गई है और बजट में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए भवन बनाने का प्रावधान किया गया है।
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