CG Weather Update: अगले 3 दिन झमाझम बारिश के आसार, जानें फसलों और मानसून के आंकड़ों पर क्या पड़ेगा असर
CG Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम सिस्टम के असर से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। IMD रायपुर के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस बारिश से धान समेत खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
प्रकाशित: 23 Sep 2026, 12:58 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
स्रोत: स्वयं रिपोर्ट
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
CG Weather Update: मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने का सिलसिला शुरू हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र के अनुसार, आने वाले 2 से 3 दिनों तक राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी और आने वाले दिनों का हाल
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक चक्रवातीय घेरा और कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से नमी लगातार आ रही है। इसके चलते अगले 48 से 72 घंटों के दौरान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात (आकाशीय बिजली) को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया है।
अब तक कितनी हुई बारिश? (आंकड़ों की ज़बानी)
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिला है। राज्य में औसतन सामान्य के करीब यानी लगभग 1000 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, लेकिन आने वाले दिनों में संभावित 50 से 100 मिमी तक की अतिरिक्त बारिश से यह आंकड़ा सामान्य स्तर को पार कर सकता है।
सबसे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र: बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जैसे दक्षिणी जिलों में इस बार झमाझम बारिश हुई है, जहाँ मानसून की मेहरबानी सबसे ज्यादा रही।
सबसे कम बारिश वाले क्षेत्र: सरगुजा, कोरिया और बलरामपुर जैसे उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहाँ के किसान राहत की बूंदों का इंतज़ार कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौमस का मिजाज खेती-किसानी पर क्या पड़ेगा असर?
इस समय हो रही बारिश किसानों के लिए "वरदान और चिंता" दोनों साबित हो सकती है:
धान की फसल को संजीवनी: जिन इलाकों में धान की फसल बालियां निकलने या गभोट की स्थिति में है, वहाँ इस पानी से पौधों को सीधा फायदा पहुंचेगा। पानी की कमी झेल रहे खेतों की सिंचाई की ज़रूरत पूरी हो जाएगी।
कीट और रोगों का खतरा: मौसम में लगातार नमी रहने और धूप न निकलने से धान की फसल में तना छेदक या भूरा माहू जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है।
सब्जियों को नुकसान: जिन निचले खेतों में पानी जमा होगा, वहाँ उड़द, मूंग और हरी सब्जियों की फसलों को सड़ने का खतरा बन सकता है।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था सही रखें और बारिश के थमने के बाद ही कीटनाशकों का छिड़काव करें। आम नागरिकों को भी बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न जाने की हिदायत दी गई है।