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ED probe into CGPSC scam
ED probe into CGPSC scam
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CGPSC Recruitment Scam: घोटाले की जांच तेज, 30 से अधिक लोगों को ED का समन

CGPSC Recruitment Scam: भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच में ED ने 30 से अधिक लोगों को समन जारी किया है। एजेंसी कथित नौकरी रैकेट, करोड़ों रुपये के लेनदेन, CSR फंड और कैश सिंडिकेट की कड़ियों की जांच कर रही है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 05 Sep 2026, 10:06 AM · अपडेट: 20 Oct 2026, 04:23 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
CGPSC Recruitment Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती परीक्षा में हुए बहुचर्चित घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने अब मामले की परतें उधेड़ना तेज कर दिया है। फर्जीवाड़े के इस खेल में शामिल बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के लिए जांच एजेंसी ने विवादित अभ्यर्थियों, एनजीओ, एक बड़ी निजी कंपनी और कुछ रिसॉर्ट संचालकों समेत 30 से अधिक लोगों को समन जारी कर तलब किया है। ED ने साफ कर दिया है कि इस मामले में राहत पा चुके लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। 

आमने-सामने सवाल-जवाब करने की तैयारी 

घोटाले में फिलहाल जमानत पर बाहर चल रहे तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर, सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी के रिश्तेदार साहिल सोनवानी और नितेश सोनवानी के साथ-साथ शशांक गोयल और उनकी पत्नी भूमिका कटियार को भी दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एजेंसी इन सभी से आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब करने की तैयारी में है। 

प्री से लेकर इंटरव्यू में पास कराने की गारंटी 

जांच में यह बात भी सामने आई है कि अभ्यर्थियों को पक्की सरकारी नौकरी दिलाने का एक पूरा रैकेट चल रहा था। कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर युवाओं को फंसाने का जाल बिछाया था। ये लोग परीक्षा के हर चरण—प्री से लेकर इंटरव्यू तक—में पास कराने की गारंटी देते थे। इसके बदले अभ्यर्थियों से 3 करोड़ से अधिक की मोटी रकम वसूली गई थी। 

डॉ. विकास और अनिल से ED की पूछताछ जारी 

ED का मानना है कि इस पूरे लेनदेन में भारी नकदी का इस्तेमाल हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि एजेंसी को एक बड़ी कंपनी के CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड की रकम को रिश्वत के रूप में खपाने का अंदेशा है। इसी सिलसिले में कई एनजीओ और रिसॉर्ट संचालकों के वित्तीय खातों को खंगाला जा रहा है। फिलहाल डॉ. विकास चंद्राकर और अनिल चंद्राकर को हिरासत में लेकर ED की पूछताछ जारी है। 

रिश्वत का पैसा किस-किस खातों में गया होगी जांच  

केंद्रीय एजेंसी अब इस कैश सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत का पैसा कहाँ से आया, किन-किन हाथों से गुजरा और आखिरकार किस-किस के खातों में पहुंचा।
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