अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी और चोरी के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और शुरुआती जांच के आधार पर बड़ा कदम उठाते हुए दान की गिनती में शामिल सभी कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, मंदिर में आने वाले दान की राशि की गणना का काम संभाल रहे करीब 35 से 40 कर्मचारियों की भूमिका जांच के दौरान संदेह के घेरे में पाई गई। इसी वजह से इन सभी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह बैंक की ओर से नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि दान की गिनती की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हो सके।
जांच रिपोर्ट सौंपने की तैयारी
इस पूरे मामले की जांच SIT कर रही है और बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस प्रकरण पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने की तैयारी में है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार की ओर से कुछ बड़े प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद SIT की टीम आगे की जांच के लिए दोबारा अयोध्या पहुंच सकती है। जांच एजेंसियां दान संग्रह, उसकी गिनती और रिकॉर्ड से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
राजनीतिक माहौल भी गर्म
उधर, इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर योगी सरकार को निशाने पर लेते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और संबंधित लोगों की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।कार्रवाई पर टिकी नजर
वहीं, रामलला विराजमान के पूर्व पक्षकार और हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास बाबा ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने श्रद्धालुओं के चढ़ावे में हाथ डाला है तो यह बेहद निंदनीय और अक्षम्य कृत्य है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी भी दोषी को बख्शने वाले नहीं हैं। फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेश सरकार, जांच एजेंसियों और मंदिर प्रशासन की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें SIT की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।