छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 41वें चक्रधर समारोह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार समारोह का आयोजन शहर के रामलीला मैदान में किया जाएगा। दस दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक आयोजन में शास्त्रीय संगीत, नृत्य, वादन और लोक कला की शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
समारोह को भव्य और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलाकार चयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं चक्रधर समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी ने की। इसमें कलाकारों के चयन, कार्यक्रमों की रूपरेखा और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलाकारों और लोक संस्कृति को मिलेगा मंच

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि चक्रधर समारोह सिर्फ शास्त्रीय कला का आयोजन नहीं है, बल्कि यह रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला मंच है। उन्होंने निर्देश दिए कि समारोह में स्थानीय कलाकारों, नई प्रतिभाओं और प्रदेश की लोक कलाओं को विशेष अवसर दिया जाए।
समिति ने तय किया कि देश-विदेश के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ-साथ रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार भी समारोह का हिस्सा होंगे। कार्यक्रम में शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य के साथ लोक संगीत एवं पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संतुलन रखा जाएगा।
कार्यक्रमों की रूपरेखा पर हुई चर्चा
बैठक में कलाकारों की प्रस्तुतियों की गुणवत्ता, कार्यक्रमों के समय निर्धारण और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई सुझाव दिए गए। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर समारोह की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी। आयोजन स्थल रामलीला मैदान में मंच निर्माण, आकर्षक सजावट, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, दर्शक दीर्घा, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा पेयजल, स्वच्छता और आम लोगों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए भी संबंधित विभागों को कार्ययोजना तैयार करने कहा गया है। बैठक में राजपरिवार की ओर से देवेन्द्र प्रताप सिंह और उर्वशी देवी सहित प्रशासनिक अधिकारी और आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे। अधिकारियों ने समारोह को सफल और यादगार बनाने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी करने पर जोर दिया।