गुजरात में एक खतरनाक वायरस ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में पिछले एक महीने के भीतर 12 बच्चों की असामयिक मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तीन बच्चों में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई है। वहीं अन्य 9 बच्चों की मौत भी इसी वायरस के कारण होने की प्रबल आशंका है। फिलहाल इन सभी मामलों की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
यह संक्रमण मुख्य रूप से गांधीनगर, साबरकांठा, खेड़ा, अरावली और पंचमहल जिलों में फैल रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया गया है। वे लगातार प्रभावित बस्तियों में जाकर जांच और बचाव कार्य कर रहे हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने मौतों की पुष्टि करते हुए स्थिति का ब्योरा दिया है। उन्होंने बताया कि अब तक इस वायरस से 3 बच्चों की मौत होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 2 बच्चों ने गोधरा और 1 बच्चे ने हिम्मतनगर के अस्पताल में दम तोड़ा है। स्वास्थ्य विभाग इन क्षेत्रों में मच्छरों और अन्य कीटों पर नियंत्रण के लिए अभियान चला रहा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष रूप से सफाई और स्वच्छता पर जोर दिया जा रहा है।
बढ़ते संदिग्ध मामलों ने बढ़ाई चिंता
हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में इस वायरस के संदिग्ध लक्षणों वाले 6 बच्चों की जान गई है। वहीं गोधरा के अस्पताल में भी 3 बच्चों की मृत्यु दर्ज की गई है। मृतकों में बेहद कम उम्र के बच्चे शामिल हैं। दो दिन पहले यानी 11 जुलाई को 1 साल और 2 साल के दो मासूमों की मौत हुई। यही वजह है कि अब माता-पिता अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। प्रशासन की टीम प्रभावित घरों के आसपास दवाइयों का छिड़काव करवा रही है।