Chennai Super Kings: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी कोचिंग टीम में बड़ा बदलाव किया है। फ्रेंचाइजी ने भारत के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान को नया हेड कोच नियुक्त किया है। जहीर अब लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाले स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेंगे, जो साल 2009 से चेन्नई के कोच पद पर थे।
फ्लेमिंग के कार्यकाल में सीएसके ने आईपीएल में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं और टीम को एक मजबूत पहचान मिली। ऐसे में उनके उत्तराधिकारी का चुनाव फ्रेंचाइजी के लिए आसान फैसला नहीं था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए कोच की तलाश की जिम्मेदारी टीम मैनेजमेंट ने एमएस धोनी को दी थी और धोनी ने भारतीय क्रिकेट के इस अनुभवी चेहरे जहीर खान पर भरोसा जताया।
धोनी का पुराना भरोसा, जहीर के लिए कही थी बड़ी बात
एमएस धोनी और जहीर खान का रिश्ता भारतीय क्रिकेट के सुनहरे दौर से जुड़ा हुआ है। धोनी को जहीर की क्षमता और क्रिकेट समझ पर हमेशा विश्वास रहा है। यही वजह है कि करीब 14 साल पुराना धोनी का एक बयान अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कोलंबो में खेले गए एक मुकाबले के दौरान जब जहीर खान खराब फॉर्म से गुजर रहे थे और उनकी आलोचना हो रही थी, तब धोनी ने अपने तेज गेंदबाज का खुलकर समर्थन किया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में धोनी ने कहा था कि जहीर खान भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने बल्लेबाजी में सचिन तेंदुलकर। धोनी ने उस समय कहा था कि किसी खिलाड़ी के खराब दौर में उसकी आलोचना करना आसान होता है, लेकिन जहीर वर्षों से भारतीय गेंदबाजी की अगुवाई करते आए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि टीम के बाकी गेंदबाजों को भी जिम्मेदारी उठानी होगी और जहीर जल्द ही अपनी लय में लौटेंगे।
2011 वर्ल्ड कप में धोनी-जहीर की जोड़ी ने रचा इतिहास
एमएस धोनी की कप्तानी में 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम में जहीर खान की भूमिका बेहद अहम थी। टूर्नामेंट में उन्होंने 21 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष स्थान साझा किया था। उस दौर में जहीर सिर्फ टीम के मुख्य तेज गेंदबाज नहीं थे, बल्कि मैदान पर रणनीति बनाने में भी उनका बड़ा योगदान रहता था। वे गेंदबाजी यूनिट को दिशा देते थे और युवा खिलाड़ियों को सलाह भी देते थे। वहीं धोनी विकेट के पीछे से मैच की रणनीति को अंजाम तक पहुंचाते थे। धोनी ने अपने गेंदबाजों को मैदान पर फैसले लेने की आजादी दी थी। साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद जहीर खान ने भी धोनी की इस कप्तानी शैली को याद करते हुए कहा था कि उनके साथ गेंदबाजी करते हुए उन्हें पूरी स्वतंत्रता मिलती थी।मुंबई इंडियंस और लखनऊ के अनुभव के बाद CSK में नई जिम्मेदारी
जहीर खान के पास बतौर खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि क्रिकेट मैनेजमेंट और मेंटर के तौर पर भी अच्छा अनुभव है। संन्यास के बाद उन्होंने मुंबई इंडियंस के साथ क्रिकेट ऑपरेशंस और खिलाड़ी विकास से जुड़े काम संभाले। इसके बाद वह लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ मेंटर की भूमिका में भी नजर आए। ऐसे में सीएसके का यह फैसला सिर्फ पुरानी दोस्ती या भावनाओं पर आधारित नहीं माना जा रहा है, बल्कि जहीर के लंबे क्रिकेट अनुभव और रणनीतिक समझ को भी ध्यान में रखा गया है।
अब गेंदबाजी के लीडर से टीम के लीडर तक का सफर
करीब डेढ़ दशक पहले एमएस धोनी ने जहीर खान को भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का सबसे भरोसेमंद चेहरा बताया था। अब वही भरोसा एक नई जिम्मेदारी के साथ सामने आया है। चेन्नई सुपर किंग्स के लिए जहीर खान का कार्यकाल एक नए दौर की शुरुआत होगा। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले वह मैदान पर गेंदबाजी यूनिट को संभालते थे, लेकिन अब उन्हें पूरी टीम की रणनीति और प्रदर्शन की जिम्मेदारी उठानी होगी।

