Patwari Strike: छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुकी है, लेकिन मसला सुलझने के बजाय और अधिक उलझता नजर आ रहा है। आंदोलन लंबा खींचने और आने वाले दिनों में धान खरीदी जैसे अहम सरकारी कामकाज के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए अब शासन स्तर पर सख्त रुख अपनाने के संकेत मिलने लगे हैं। सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि राजस्व विभाग इस हड़ताल से निपटने के लिए आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम यानी 'एस्मा' (ESMA) लगाने की तैयारी कर रहा है, और इस संबंध में जल्द ही आदेश भी जारी किए जा सकते हैं।
कार्रवाई का दौर तेज, निलंबन और नोटिस जारी
हड़ताल को समाप्त कराने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब तक प्रांतीय अध्यक्ष भागवत कश्यप को निलंबित किया जा चुका है, जबकि 150 से ज्यादा पटवारियों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं। हालांकि, पटवारी संघ के अध्यक्ष कमलेश तिवारी का कहना है कि उन्हें हड़ताल वापस लेने के लिए लगातार मानसिक और प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन फिलहाल एस्मा लगने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
धान खरीदी पर पड़ रहा असर, सीएम की अपील
यह हड़ताल ऐसे समय पर हो रही है जब राज्य में आगामी 15 नवंबर से धान खरीदी का महाअभियान शुरू होना है। प्रशासनिक कामकाज ठप होने के कारण इसकी तैयारियों पर गंभीर असर पड़ रहा है। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद पटवारियों से अपील की है कि वे काम पर लौट आएं। मुख्यमंत्री का तर्क है कि मांगों को रखने और उनके समाधान के लिए हड़ताल के अलावा भी अन्य रास्ते और तरीके अपनाए जा सकते हैं।
तूता से हटने के बाद मठपुरैना में जारी है आंदोलन
धरना स्थल बदले जाने के बाद भी पटवारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। तूता से हटाए जाने के बाद अब पटवारियों ने मठपुरैना स्थित हनुमान मंदिर परिसर को अपना नया केंद्र बनाया है, जहां उनका आंदोलन लगातार जारी है। गुरुवार को आंदोलन के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला। संघ के नेता नीरज प्रताप सिंह और दीपक तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों पटवारियों ने एकजुट होकर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। इसके जरिए उन्होंने भगवान से सरकार को 'सद्बुद्धि' देने की प्रार्थना की। साथ ही, उन्होंने प्रशासन द्वारा की जा रही दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है।
सियासत भी गरमाई, 'आप' ने किया समर्थन
इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक दलों की एंट्री भी हो गई है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय झा ने खुलकर पटवारियों की मांगों को जायज ठहराया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पटवारियों पर दबाव बनाने और दमनात्मक कार्रवाई करने का सिलसिला तुरंत बंद होना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने राजस्व निरीक्षक संघ के उस फैसले की भी सराहना की है जिसमें उन्होंने पटवारियों के समर्थन में कार्य करने से इनकार कर दिया है। आगामी दिनों में धान खरीदी का कार्य और पटवारियों की जिद, दोनों ही सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। देखना यह होगा कि क्या प्रशासन द्वारा की जा रही सख्ती इस गतिरोध को तोड़ पाएगी या फिर टकराव का यह दौर अभी और लंबा चलेगा।







